पुलिस की पोल खुली तो कोतवाली में पत्रकारों के लिये बन गये नए नियम…

नाबालिग के साथ मारपीट के मामले में अभी भी गंभीरता नहीं

अम्बिकापुर

कोतवाली में सोमवार को मोबाईल चोरी के आरोप में एक 12 वर्षीय बालक के साथ वर्दी में पुलिस द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ व मारपीट के मामले में पुलिस ने अभी तक कोई गंभीरता तो नहीं दिखाई, अलबत्ता इस खबर को प्रकाशित करने वाले पत्रकारों के लिये कोतवाली में नए नियम जरूर बना दिये गये। अब कोतवाली में पत्रकारों को खबर लेने के लिये सीधे प्रभारी से मिलना होगा।

गौरतलब है कि सोमवार को कंपनी बाजार से मोबाईल चोरी के मामले में पकड़े गये एक 12 वर्षीय बालक की पुलिस द्वारा बेदम पिटाई का मामला सामने आया था। नियम कानून की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिस कर्मियों की इस करतूत का खुलासा लगभग सभी समाचार पत्रों में प्राथमिकता से किया गया। मामले में सरगुजा एसपी ने बाल कल्याण समिति द्वारा जांच करवाये जाने की बात कही गई थी, परंतु अभी तक न तो कोई जांच हो सकी और न ही दोषी पुलिस कर्मियों पर कोई कार्यवाही ही हो सकी। इन सबसे अलग हटकर आज दूसरे दिन कोतवाली का माहौल ही बदला हुआ नजर आया। रोजाना की तरह जब पत्रकार व मीडिया कर्मी समाचार संकलन के लिये कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने कोई भी समाचार बताने से साफ इंकार कर दिया। यही नहीं थोड़ी देर में तिलमिलाते हुये थाना प्रभारी सुरेश भगत कोतवाली पहुंचे और पत्रकारों को नसीहत देते हुये यह कहा कि आप लोगों को ऐसी खबर नहीं छापनी चाहिये। आगे से कोई भी समाचार कोतवाली से लेना हो तो मुझसे मिलें या फिर ड्यूटी डेस्क में जो बैठा हो उससे मिलें। कोतवाली में इधर-उधर घूमकर समाचार संकलन न करें। थाना प्रभारी के इस नसीहत के बाद कोतवाली पहुंचे पत्रकार वहां की खबर का बहिष्कार करते हुये वापस चले गये। खैर मामला चाहे जो भी हो यहां एक नाबालिग के साथ बेरहमी से पुलिस के द्वारा मारपीट करने का सवाल है। जहां सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिये गये नाबालिग बच्चों के साथ व्यवहार के गाईडलाईन को पूरी तरह से पुलिस ने अनदेखा कर दिया। इस गंभीर मामले को हल्के में लेते हुये पुलिस के आलाधिकारी भी अपने अधीनस्थों के बचाव में लगे हैं।

लखनपुर का मामला भी अधर में

लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लोसंगी में जमीन संबंधी मामले को लेकर पुलिस द्वारा बर्बता से एक महिला की पिटाई का मामला भी हाल ही में सामने आया था। मामले के सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने जांच की प्रक्रिया तो आनन-फानन में पूरी की, परंतु कार्यवाही के नाम पर अभी तक कुछ भी न कर सके। इस मामले में भी पुलिस अपने मातहतो को बचाने में अभी भी लगी हुई है। आखिर कब तक पुलिस की इस बर्बता का शिकार सरगुजा के निर्दोष लोग होते रहेंगे।

ऐसा नहीं करना था पुलिस को-प्रभारी सीएसपी

प्रभारी सीएसपी पुपलेश कुमार से इस मामले मेें चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि पुलिस को नाबालिग के साथ ऐसा नहीं करना था। मुझे जो जानकारी मिली है उसके आधार पर कोतवाली पुलिस को सख्त हिदायत दी जायेगी, कि ऐसी शिकायतें दोबारा सुनने को न मिले।

शिकायत आयेगी तो करेंगे कार्यवाही-एसपी

इस मामले में सरगुजा एसपी राधेश्याम नायक ने कहा कि हमने इसकी जांच के लिये सीडब्ल्यूसी को भेज दी है। हालांकि अभी तक शिकायत हमारे पास नहीं आई है अगर कोई शिकायत करता है तो जांच कर कार्यवाही की जायेगी। एसपी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बालक के साथ मारपीट उसे पकडऩे वाले लोगों ने की थी।

राज्य बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान

छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष शताब्दी पांडेय ने कहा कि कोतवाली में 12 वर्षीय बालक के साथ पुलिस द्वारा वर्दी में कड़ाई से पूछताछ करने व उसके साथ मारपीट करने के मामले को आयोग ने संज्ञान में ले लिया है। मामले की जांच कराई जायेगी व उचित कार्यवाही के लिये अनुशंसा की जायेगी।

संरक्षण अधिकारी को भेजवाता हॅू थाने-सिसोदिया

मामला उजागर होने के बाद सरगुजा जिला बाल संरक्षण अधिकारी सी एस सिसोदिया ने कहा कि वे अभी संरक्षण अधिकारी को कोतवाली थाना भेजवा रहे हैं और मामले की जांच कराकर पुलिस अधीक्षक व बाल संरक्षण आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी।