आयोग और निगम मंडलों की नियुक्ति : सरगुजा बैकफुट पर

अम्बिकापुर

राज्य शासन द्वारा आयोग और निगम मण्डलो की जारी दूसरी सूची सरगुजा के दिग्गज भाजपा नेताओ के लिहाज से निराशाजनक रही है। पहली बार में बचे हुये निगम, बोर्ड, मंडल एवं आयोग में की गई नियुक्तियों में सरगुजा के नेताओं के नाम नही आने से क्षेत्र के लोगों में निराशा देखने को मिल रही है। हालांकि इन नियुक्ति के बाद भाजपा के किसी भी नेता नें कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। लेकिन भाजपा के नेताओ और कार्यकर्ताओ को उम्मीद थी कि संभाग और जिले के किसी ना किसी नेता को लालबत्ती तो जरुर मिलेगी । जिससे सरगुजा जिले का वजन सरकार में बढ़ेगा।bjp leader

गौरतलब है कि लालबत्ती पाने की चाह रखने वाले नेताओ की तादाद सरगुजा में काफी ज्यादा थी। जिनमें पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा, पूर्व वन विकास निगम अध्यक्ष विजयनाथ सिंह, पूर्व हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष अनिल सिंह मेजर, पूर्व महापौर प्रबोध मिंज, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, अविभाजित सरगुजा भाजपा व आदिवासी नेता रामकिशुन सिंह, पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, पूर्व विधायक रजनी रविशंकर त्रिपाठी, पूर्व विधायक देवेश्वर सिंह, पूर्व आदिवासी नेता मोहन सिंह सूरजपुर, पूर्व राज्य सभा सांसद व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा के पुत्र व वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विजय प्रताप सिंह जैसे नेताओं में से कुछ को मौका मिल सकता था।

अविभाजित सरगुजा के 8 विधानसभा सीट से 7 सीट कांग्रेस के पास है। उसके बाद भी भाजपा के बैकफुट में आ जाने की स्थिति में किसी भाजपा नेता को सरकार नें अहमियत नही दी। जिसको लेकर आज दिनभर शहर में चर्चाओ का बाजार गर्म हो गया है। जबकि अगले विधानसभा की अपनी चौथी पारी में संयुक्त सरगुजा से भाजपा को काफी उम्मीद हैं।