प्रकृति के धरोहर जल, जंगल और जमीन के पूजक और संरक्षक होते है आदिवासी


सीतापुर (फटाफट न्यूज) | अनिल उपाध्याय

सरगुजा: आदिवासी प्रकृति के पूजक होते है। वे प्रकृति में पाए जाने वाले सभी जीव जंतु, पर्वत नदी नाले खेत इन सभी की पूजा करते है। आदिवासियों का मानना है कि प्रकृति की हर एक वस्तु में जीव होता है ।उक्त बातें क्षेत्रीय विधायक एवं खाद्यमंत्री अमरजीत भगत ने सर्व आदिवासी समाज द्वारा लालबहादुर शास्त्री स्टेडियम में विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। खाद्यमंत्री ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाए जाने के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने महसूस किया आदिवासी समाज उपेक्षा, बेरोजगारी, बंधुआ बल मजदूर जैसी समस्याओं से ग्रसित है। जिसे देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासियों के भले के लिए एक कार्यदल गठित किया था। जिसकी बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी।उसी के बाद से यूएनओ ने अपने सदस्य देशों को प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज शुरू से प्रकृतिवाद पर आधारित है। इस समाज मे प्रकृति की उपासना सर्वोपरि धर्म माना जाता है। आदिवासियों का मानना है कि प्रकृति एक ऐसी शक्ति है जिसके बिना जीवन की परिकल्पना संभव नही है। इसलिए इनके जीवन मे पेड़ पौधे पहाड़ प्राकृतिक संपदा इनकी पूजा पद्धति में शामिल है। इन्ही मान्यताओं के साथ आदिवासी समाज अपने धर्म और अस्मिता की लड़ाई शुरू से लड़ते आ रही है। खाद्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन आदिवासियों के अधिकारों को बढ़ावा देने नैसर्गिक सुरक्षा विकास के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने और उन सभी जनजातीय मूल निवासीयो के योगदान को स्वीकार करने का दिन है।

जिन्होंने आदिवासियों के उत्थान और अस्मिता की रक्षा के लिए अपनी कुर्बानी दी है। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज से जितने भी दिवंगत नेता, जनप्रतिनिधि है। उनकी स्मृति में चौक चौराहों पर प्रतिमा स्थापित करने की एक मुहिम चलाई है। जिसके तहत जिला एवं ब्लॉक मुख्यालय में जगह चिन्हांकित कर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस दौरान मंच से खाद्यमंत्री ने शहीद कृष्णाथ किंडो की प्रतिमा उनके गृहग्राम राजौटी में स्थापित करने की घोषणा की। खाद्यमंत्री ने सर्व आदिवासी समाज के लिए भवन निर्माण के संबंध में कहा कि भवन निर्माण को लेकर जो गतिरोध था वो खत्म हो गया है। अब भवन निर्माण कार्य तेज गति से होगा और मैं ये वादा करता हुँ कि इस दौरान मैं कोई कमी नही होने दूँगा।

इस दौरान उन्होंने देश मे मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर सभी से आहवान करते हुए कहा कि सभी लोग अपने घर, स्कूल कार्यालयों में देश का आन बान और शान का प्रतीक तिरंगा झंडा पूरे सम्मान के साथ फहराए। मंच से संबोधन के दौरान खाद्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र में सड़क पुल पुलिया के रूप में कराए जा रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए कहा कि विपक्ष का विधायक होने के दौरान मुझे अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़ते थे। सरकार बदलते ही मेरे विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की बाढ़ सी आ गई है। इससे पूर्व बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में पधारे खाद्यमंत्री अमरजीत भगत उनकी धर्मपत्नी कौशल्या भगत को सर्व आदिवासी समाज ने आदिवासी परिधान एवं पगड़ी भेंट करते हुए फूलमालाओं के साथ बड़ी गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। साथ मे प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवा देने वाले आदिवासी समाज के डिप्टी कलेक्टर अनमोल विवेक टोप्पो एवं संजय कुमार मरकाम को भी सर्व आदिवासी समाज ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज द्वारा गाजे बाजे के साथ नगर में विशाल रैली निकाली गई। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं करमा नृत्य भी प्रस्तुत किये गए। जिन्हें कार्यक्रम के अंत मे मुख्य अतिथि अमरजीत भगत एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या भगत ने साड़ी एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन शिवभरोष बेक, बिगन राम एवं आभार प्रदर्शन सुशील सिंह मरावी अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो गोपाल राम, राजाराम भगत, सेतराम बड़ा, कृष्णा सिंह पैंकरा, चुंठु खलखो, सुलेमान कुजूर, लखन सिंह सिदार तिलक राम, प्रेमदान कुजूर, शांति देवी, वीरेंद्र टोप्पो, राजेश मिंज, गिरधर भगत, किरण टोप्पो, संतोष कुजूर, निर्मल कुजूर, प्रदीप लकड़ा, शिवमंगल किंडो, नोहर तिर्की, सुरजन मिंज, अनिमा खेस, अनमोल लकड़ा समेत ब्लॉक काँग्रेस अध्यक्ष तिलक बेहरा, गणेश सोनी, संदीप गुप्ता, परमेश्वर गुप्ता, सुरेंद्र अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, धरमपाल अग्रवाल, सुनी मिश्रा, अरुण गुप्ता, शिव गुप्ता, सुरेंद्र चौधरी, राजू अग्रवाल, विकास गुप्ता, मो अलीम, मंटु गुप्ता, राहुल गुप्ता, चिंटू गुप्ता, अर्णव गुप्ता समेत काफी संख्या में सर्व आदिवासी समाज के सदस्य एवं काँग्रेसी उपस्थित थे।