अम्बिकापुर: आर्मी का नायब सूबेदार बताकर महिला से मांगे अकाउंट डिटेल… फिर गायब हो गए लाखों रुपए.. राजस्थान में पकड़ाए आरोपी!



अम्बिकापुर। 22 अप्रैल को ईला शर्मा (48 वर्ष) निवासी दर्दीपारा अम्बिकापुर ने अम्बिकापुर कोतवाली थाना ms रिपोर्ट दर्ज कराया कि अपना फ्लैट जो रेखांकन कॉलोनी में है। जिसे किराए में देने के लिए OLX में विज्ञापन दिया गया था। जिस पर रणदीप सिंह नामक व्यक्ति जो अपने आप को आर्मी का नायब सुबेदार होना बताए और किराए पर मकान लेने के लिए तैयार हो गया और नेट बैंकिंग के माध्यम से किराए का पैसा अदा करने के लिए बैंक डिटेल मांगा।

जिस पर ईला शर्मा ने स्वयं का व अपने पिता का बैंक एकाउण्ट डिटेल किराए का अग्रिम पैसा देने के लिए व्हाटसअप द्वारा भेज दिया। जिसके बाद ईला शर्मा के बैंक एकाउण्ट से 21.04.2022 को 145905 रूपये। 22.04.2022 को 97579 रूपये एवं पिता के एकाउण्ट से 4900 रूपये। इस प्रकार कुल 243484 रूपये की ऑनलाईन ठगी किया है।

इस रिपोर्ट पर धारा 420 भादवि एवं 66 डी आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता द्वारा इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में सायबर सेल व थाना अम्बिकापुर का संयुक्त विशेष टीम भरतपुर, राजस्थान रवाना किया गया।

विशेष टीम से प्राप्त जानकारी एवं सायबर सेल के सहयोग से आरोपी आसिन पिता उमर मोहम्मद उम्र 23 वर्ष एवं रीजवान खान पिता सहसु उर्फ हंडल उम्र 26 वर्ष को भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई। जिससे पुछताछ किया गया जो पुछताछ पर बताया कि OLX के माध्यम से 21 व 22 मई 2022 को मकान किराये पर लेने के नाम पर आर्मी का फर्जी अधिकारी बन कर अम्बिकापुर की महिला से बातचीत कर 243484 रूपये की ऑनलाईन ठगी किया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि सोशल मिडिया प्लेटफार्म से आर्मी/पुलिस अधिकारी/कर्मचारी का विडियो, फोटो एवं अन्य दस्तावेज डाउनलोड व एडिट कर फर्जीवाड़े में इसका इस्तेमाल करते थे ताकि पीड़ित को पूर्णतः अपने झासे में लिया जा सके। आरोपियों से ठगी की रकम रूपये 240000 (दो लाख चालिस हजार ) एवं 3 नग मोबाईल बरामद कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक भारद्धाज सिंह, विजय प्रताप सिंह, प्रशि. उप पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत देवांगन, उप निरीक्षक सरफराज फिरदौसी, प्रमोद पाण्डेय, प्र०आर० धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक विकास मिश्रा, जितेन्द्र साहू, लालदेव साय एस. के. चौबे, एहसान फिरदौसी, साहबाज खान, कुंदन सिंह, शिव राजवाड़े, सुयश पैकरा सक्रिय रहे।