अम्बिकापुर नगर निगम का घेराव……. पीसीसी उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष रहे मौजूद.

अम्बिकापुर

पानी, सफाई, बिजली और राशन कार्ड जैसी समस्याओ के साथ निगम मे पसरे भ्रष्टाचार के खिलाफ आज कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद और पीसीसी उपाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक की अगुवाई मे दर्जनो कांग्रेसी कार्यकर्तओ ने पहले निगम कार्यालय के सामने धरना दिया। वही बाद मे कांग्रेसियो ने निगम कार्यालय का घेराव कर अपना आक्रोश जाहिर किया। nigam final 1nigam final 2

दरअसल निगम के नेता प्रतिपक्ष ने तीन दिन पूर्व निमग आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपते हुए निगम क्षेत्र की कुछ बुनायादी आवश्कताओ की समय रहते पूरा करने की मांग की थी। और ऐसा नही होने पर तीन दिन के भीतर निगम कार्यालय के घेराव की चेतावानी दी थी।  श्री अहमद ने जिन मांगो की पुलिंदा निगम आयुक्त को सौंफा था उसमे मुख्यत शहर मे शुद्द पेयजल की समुचित व्यवस्था, बिजली खंभो की उपल्बधता, और राशन कार्ड मे असल हितग्राहियो की जगह पर फर्जी हितग्राहियो के नाम काटे जाने की मांग की थी।

इधर आज 30 जून को अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक निगम के कांग्रेसी पार्षदो, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओ पदाधिकारियो के साथ ही एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओ के साथ शफी अहमद ने पहले निगम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। जंहा निगम के करतूतो , निगम मे पसरे भ्रष्टाचार और जन आंकाक्षाओ के विपरीत होने वाले कार्यो के लिए कांग्रेसी नेताओ ने बारी बारी से निगम की सत्ता मे काबिज भाजपा और निगम अधिकारियो के खिलाफ जमकर आग उगली। तकरबीन 2 घंटे चले धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने निगम कार्यालय का घेराव कर दिया। जंहा खासकर यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओ ने निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन के दौरान निगम कार्यालय मे ना ही निगम आयुक्त मौजूद थे । और ना ही महापौर , लिहाजा कुछ देर तक चले घेराव कार्यक्रम के बाद आयुक्त के ओर से अधिकारी डीके सिंह को नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने अपना मांगो का ज्ञापन एक बार फिर सौंपा, इस दौरान काफी देर तक कांग्रेसी नेता निगम अधिकारियो को अपनी मांगो के बारे मे समझाते रहे।

 

कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओ के बयान ……….

 

 प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष बालकृष्ण पाठकUntitled_0046 050

ये भाजपा का असल चाल, चरित्र और चेहरा है, ये लोग हमेशा ही चुनाव के दौरान अच्छे कार्य करने का ढिंढोरा पिटते हैं, किन्तु समय आने पर धोखा दे जाते हैं। अम्बिकापुर नगर की जनता के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है नगर की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिये तरस रही है, लेकिन इससे सत्ता में बैठे भाजपा के लोगों को कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल भ्रष्टाचार करना ही जानती है। कभी साफ-सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार करते हैं तो कभी निगम क्षेत्र में संक्रामक बिमारी के नाम पर भ्रष्टाचार करते हैं। स्ट्रीट लाईट घोटाला, सड़कों को साफ करने के लिये खरीदे गये मशीन में घोटाला यह किसी से छूपी नहीं है। आज अम्बिकापुर नगर की जनता पेयजल की समस्या से जूझ रही है लेकिन इससे नगर निगम में बैठे सत्ता पक्ष को कोई लेना देना नहीं है। ये कहते हैं कि शहर में साफ-सफाई कार्यक्रम चला रहे हैं, कोई एक ऐसा वार्ड दिखा दें जिसे निगम से साफ और स्वच्छ कर ऐसा बनाया हो कि लोग इसकी तारिफ करेें। लेकिन नहीं जनता को छलना ही इनका प्रमुख कार्य है।

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शफी अहमद , नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिक निगम ,अम्बिकापुर

 

निगम के कर्मचारी लगातार जनता को धोखे में रख रहे हैं, वे हमेशा आश्वासन देते हैं कि एक-दो दिन में सारी व्यवस्थाएं सही हो जाएंगी, लेकिन प्रशासनीक अधिकारियों की यह विडम्बना है कि सत्ता पक्ष के प्रभाव में ये जनहित के कार्य भुल गये हैं। वार्डों में पेयजल की समस्या विकराल है, बरसात के दिनों में भी पानी के लिये लोग तरस रहे हैं। बरसात शुरू हो गई लेकिन निगम की साफ-सफाई नहीं हुई, नालियां कचड़ों से भरी पड़ी है, लेकिन उस ओर ध्यान देने वाले अधिकारी जनहित का कार्य छोड़ सत्ता पक्ष के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। निगम क्षेत्र के वार्ड 11, 16, 20, 10, नवागढ़ सहित  कई वार्डों में कराये गये डामरीकरण, सी.सी. सड़क निर्माण, नाली निर्माण, डब्लू.बी.एम. सड़क की स्थिति क्या है साफ देखा जा सकता है। गुणवत्ताविहिन कार्य कराने में तो नगर निगम नम्बर वन रही है। ठेकेदारों पर हमेशा कार्यवाही करने से निगम के अधिकारी बचते रहें हैं इसी का खामियाजा है कि बरसात पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुए और लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि बजट में प्रावधान से छः करोड़ छः लाख अड़सठ हजार अधिक खर्च कर दिये गये, इसके लिये दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई, यदि जल्द ही समस्त मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। जिसके लिये आयुक्त व महापौर स्वयं दोषी होंगे जो कि आंखे मूंद कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और गुणवत्ता विहिन कार्यों पर कार्यवाही करने से बच रहे हैं।

 

डी.के.सिंह, प्रभारी आय़ुक्त

निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री शफी अहमद ने तीन दिन पूर्व जिन मांगो को निगम के सामने रखा था। और उन मांगो पर निराकरण शुरु कर दिया गया था, उसके बावजूद इस तरह के प्रदर्शन और घेराव ठीक नही है। अभी आयुक्त महोदय छुट्टी पर है, उनके आते है कि आर्थिक मंजूरी के लिए रुके काम भी पूरे हो जाएगे।