अब भू माफियाओ की खैर नही….. आदिवासियो की जमीन हडपने के मामले की जांच को लेकर एकजुट सत्ता और विपक्ष

अम्बिकापुर

  • बलरामपुर जिले मे आदिवासियो की जमीन हडपने के मामले की फेहरिस्त हुई लंबी
  • सरगुजा जिला भी नही है पीछे अगर जांच हो जो यंहा की भी लेनी चाहिए सुध 

भाजपा नेताओं द्वारा आदिवासी जमीनों को लोगों द्वारा अवैध कब्जा व डरा-धमाकर हड़पने के मामले पर मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग का नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह व सामरी विधायक डाॅ. प्रीतम राम ने स्वागत किया।

नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, विधायक बृहस्पति सिंह व डाॅ. प्रीतम राम द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि यदि आदिवासियों के जमीन को जबरन डरा धमकाकर भू-माफियाओं द्वारा हड़पा जा रहा है तो ऐसे मामलों में आवश्यक कार्यवाही होनी चाहिए और आदिवासियों के हितों की रक्षा होनी चाहिए। किन्तु पूर्व मंत्री व पूर्व संसदीय सचिव को यह कार्य तब करना था जब कि ये स्वयं विधायक व सरकार में उच्च पदों पर आसीन थे। पूर्व मंत्री रामविचार नेताम तो स्वयं राजस्व मंत्री भी रहे हैं किन्तु उस दौरान उन्होंने इस तरह की जांच क्यों नहीं कि। इतनी देर से निंद क्यों खुल रही है। फिर भी यदि भाजपा के दोनों वरिष्ठ नेता इस तरह की मांग कर रहे हैं तो यह स्वागत योग्य है।

बलरामपुर जिले में बलरामपुर, भनौरा, कामेश्वरनगर, त्रिकुण्डा सहित कई स्थानों से ऐसे मामले आते रहे हैं जहां पर आदिवासियों के जमीनों को डरा-धमकाकर कब्जा कर लिया गया है और अपने नाम से चढ़वा कर कई लोग उसका अपने हित के लिये उपयोग कर रहे हैं। संयुक्त जारी बयान में कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि जब स्वयं पूर्व मंत्री व पूर्व संसदीय सचिव इस तरह की मांग कर रहे हैं तो अभी केन्द्र व राज्य दोनों में भाजपा की सरकार है, ऐसे में जांच में देरी नहीं करनी चाहिए आदिवासियों का शोषण करने वाले, डरा-धमकाकर जमीनों पर कब्जा करने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। स्वयं कांग्रेस के नेता भी ऐसे मामलों को सामने लाकर सरकार को उपलब्ध करायेंगे ताकि आदिवासी हितों कि रक्षा हो सके और केवल यह मामला बयान तक ही सीमित न रहे।

 

भाजपा नेताओ ने क्या थी मांग ……..

गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, पूर्व मंत्री रामविचार नेताम, सांसद कमलभान सिंह और पूर्व संसदीय सचिव सिद्दनाथ पैकरा ने शुक्रवार को रायपुर मे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आदिवासियो की जमीन की फर्जी रजिस्ट्रियो की जांच कराने की मांग की है। इस मांग पत्र मे भाजपा नेताओ ने खासकर बलरामपुर जिले मे फर्जी रजिस्ट्री के प्रकरणो की निष्पक्ष जांच के लिए कलेक्टर या किसी सेवानृवत्त जज की अध्यक्षता मे एक जांच दाल गठित करने की मांग की है। इतना ही नही इस मांग पत्र मे पूर्व मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर के आसपास के क्षेत्रो मे वर्षो से काबिज आदिवासी वर्ग की जमीनो को अवैध तरीके नाम परिवर्तन करा कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर दी गई है। उन्होने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन पत्र मे ये लिखा है कि जमीन दलाल और भू माफिया गुण्डे बदमाशो का सहारा लेकर बडी संख्या मे आदिवासियो की जमीन कब्जा कर रहे है।

भाजपा नेताओ ने अपने ज्ञापन मे ये भी लिखा है कि बलरामपुर के जिला बनते ही आस पास के इळाको का फर्जी पट्टा बनवाने का खेल भी जोरो पर है और इसी को आधार मान कर राजस्व रिकार्डो को भी दुरुस्त कर दिया गया है। इतना ही भाजपा नेताओ के मुताबिक आस पास के दर्जनो गांव के साथ ही  बलरामपुर के निर्माणाधीन कलेक्टर कार्यालय के आस पास भी इस तरह के अवैध कब्जे और फर्जी पट्टा बनवाने की शिकायत मिल रही है।

इधर खुद के दल के बडे नेताओ के डेलीगेशन की इस मांग पर मुख्यमंत्री ने इस मसले पर कोई कारगर पहल करने का आश्वासन भी दिया है। साथ ही इस मामले पर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने भी अपना सहयोग देने का वादा किया है। ऐसे मे आगामी दिनो मे ये मुद्दा और गरमाने के आसार नजर आ रहे है।