बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक ऐसी अनोखी शादी की खबर सामने आ रही है, जो इस वक्त पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है। जब बात किसी माननीय विधायक की शादी की हो, तो जेहन में भारी-भरकम वीआईपी तामझाम, लंबी-चौड़ी लग्जरी गाड़ियों का काफिला और करोड़ों का दिखावा घूमने लगता है। लेकिन बेमेतरा के युवा विधायक दीपेश साहू इस रूढ़िवादी सोच को पूरी तरह से तोड़ने जा रहे हैं। वे किसी आलीशान रिसॉर्ट या महंगे मैरिज गार्डन में नहीं, बल्कि आगामी 31 मई को होने वाले ‘मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना’ के गरीब जोड़ों के साथ उसी पंडाल में सात फेरे लेंगे।
इस शादी की सबसे दिलचस्प और मस्त बात यह है कि विधायक जी की बारात में कोई महंगी एसयूवी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बैलगाड़ी नजर आएगी। ना तो कोई वीआईपी प्रपंच होगा और ना ही गाड़ियों का शोरगुल; विधायक दीपेश साहू पूरी सादगी और गांव की माटी की परंपरा को समेटे हुए बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी होने वाली धर्मपत्नी तरुणा साहू को ब्याहने निकलेंगे। फिजूलखर्ची, दहेज और सामाजिक दिखावे के खिलाफ विधायक का यह कदम वाकई तारीफ के काबिल है।
इस ऐतिहासिक और सादगी भरे पल के गवाह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई दिग्गज नेता बनेंगे, जो विशेष रूप से वर-वधू को आशीर्वाद देने सामूहिक विवाह के इस मंच पर पहुंच रहे हैं। आज के दौर में जहां शादियां रस्मों-रिवाजों से ज्यादा ‘शक्ति प्रदर्शन’ और स्टेटस सिंबल का जरिया बन चुकी हैं, वहां एक विधायक द्वारा सामूहिक विवाह के मंच को चुनना और बैलगाड़ी पर बारात निकालना समाज के लिए एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है। युवा विधायक का यह उम्दा फैसला यकीनन उन लोगों के लिए एक मिसाल बनेगा जो शादी के नाम पर कर्ज और दिखावे के जाल में फंस जाते हैं।
