जांजगीर चांपा। जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान नकल पर लगाम कसने के लिए अपनाई गई हाईटेक व्यवस्था अब आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनती जा रही है। परीक्षा शुरू होते ही परीक्षा केंद्र से करीब 500 मीटर के दायरे में इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी जाती है। जेमर के उपयोग से परीक्षा सेंटर के आसपास यह परेशानी आती है। ज्यादातर परीक्षा सेंटर लिंक रोड,मेनरोड, अकलतरा रोड में होने की वजह इस एरिया में इंटरनेट 2 से 3 घंटे बाधित रहती है। लेकिन इसका असर आसपास रहने वाले नागरिकों, व्यापारियों और आवश्यक सेवाओं पर पड़ रहा है।
परीक्षा के स्टार्ट होने से लेकर समाप्ति तक लगभग तीन घंटे तक मोबाइल इंटरनेट और कई जगहों पर कॉलिंग भी प्रभावित रहती है। अचानक नेट बंद होने से ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल लेन-देन, जरूरी दस्तावेज भेजने, मरीजों से जुड़े संपर्क और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो जाती हैं। खासकर दुकानदारों और कामकाजी लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर परीक्षा में दोहराई जाती है, इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई वैकल्पिक या सीमित दायरे की तकनीक लागू नहीं की। नकल रोकना जरूरी है, लेकिन पूरे इलाके को डिजिटल रूप से पंगु कर देना तर्कसंगत नहीं माना जा रहा।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन आधुनिक तकनीक के जरिए सिर्फ परीक्षा हॉल तक ही सख्ती सीमित करेगा, या फिर हर प्रतियोगी परीक्षा में आम जनता को यूं ही इंटरनेट बंदी की परेशानी झेलनी पड़ेगी।
