जांजगीर चांपा। डोंगाकोहरौद क्षेत्र में जर्जर सड़क के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार पाँचवें दिन भी जारी है। शुक्रवार को आंदोलन के दौरान दो अनशनकारियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। तत्काल उन्हें इलाज के लिए जांजगीर जिला अस्पताल लाया गया, डॉक्टरों ने एक बुजुर्ग की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि डोंगाकोहरौद रोड की हालत वर्षों से बदहाल है। बरसात के दिनों में सड़क गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है। इस वजह से बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और मरीज सबसे अधिक परेशान हैं। एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतरे और अनशन स्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक सड़क निर्माण की ठोस घोषणा नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखने और स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
