छत्तीसगढ़ में जल्द खुलेंगे पांच सौ सीटों के तेरह आश्रम-छात्रावास

रायपुर, 09 सितम्बर 2014

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री श्री जुएल ओरांव के साथ बैठक में राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास और विस्तार के बारे में विचार-विमर्श किया। शास्त्री भवन में आयोजित संयुक्त बैठक में श्री ओरांव ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पांच सौ सीटों वाले तेरह आश्रम स्कूलों/ छात्रावासों की स्थापना की स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए श्री ओरांव के प्रति आभार प्रकट किया।
बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एन.के. असवाल और आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने केन्द्र से राज्य को आश्रम , छात्रावासों एवं स्कूलों में शौचालय निर्माण और अन्य सुविधाओं के लिए 234 करोड़ रूपये की धनराशि जल्द उपलब्ध कराने की मांग रखी। केन्द्रीय मंत्री श्री ओरांव ने उन्हें इस संबंध में सकारात्मक निर्णय जल्द लेने और सुकमा, बलरामपुर, गरियाबंद में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के जल्द मंजूर करने का भी आश्वासन दिया। डॉ. रमन सिंह ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत अनुसूचित जनजातियों के 11वीं और 12वीं कक्षा के होनहार बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग देने के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय की योजना भी शुरू की गई है। इसके अंतर्गत उन्हें राष्ट्रीय स्तर के इंजीनियरिंग व आईआईटी संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए प्रयास संस्था में निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। इन प्रयासों से ही मनरेगा में काम करने वाला मजदूर का बच्चा भी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्था में दाखिल हुआ वहीं अब तक कुल 325 विद्याथियों का चयन भी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थाओं में प्रयास के माध्यम से हुआ है। छत्तीसगढ़ के इन बेहतर प्रयासों की केन्द्रीय मंत्री ने सराहना करते हुए राज्य के बस्तर , दुर्ग , अंबिकापुर , बिलासपुर में ‘‘प्रयास’’ विद्यालय के विस्तार में केन्द्र की तरफ से हर संभव मद्द दिये जाने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ0 सिंह ने केन्द्रीय मंत्री श्री ओरांव को बताया कि  मात्राओं की छोटी-छोटी गलतियों के कारण राज्य की कुछ अनुसूचित जातियां और जनजातियां संविधान के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित हैं। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि, केबिनेट के पास इसका प्रस्ताव विचाराधीन है। इस बारे में इन समुदायों के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। श्री ओरांव ने मुख्यमंत्री को उनके प्रस्तावों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में वनोपजों के भंडारण के लिए बस्तर व उसके आसपास के क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज और गोदाम निर्माण के लिए भी राशि मंजूर करने का आश्वासन दिया। इस दौरान आदिवासी आयुक्त श्री एन.के.खाखा, आवासीय आयुक्त श्रीमती बी.व्ही. उमादेवी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे।