पिता ने जाहिर की नरबली की आशंका.. कल मिला था नदी किनारे बच्चे का शव

अम्बिकापुर 

लखनपुर थाना क्षेत्र के टूंडा गांव स्थित रेड नदी मे मिले अज्ञात बालक  के शव की शिनाख्त कर ली गई है… मृत 12 वर्षीय आदिवासी छात्र सूरज कोरबा जिले के लेमरु थाना क्षेत्र के कुंदरीचींगा गांव का रहने वाला है.. फिलहाल बच्चे का पोस्टमार्टम करा कर शव उसके परिजनो को सौंप दिया गया है…

सरगुजा के लखनपुर थाना क्षेत्र के टूंडा गांव मे रेड नदी के किनारे कल एक अज्ञात बाल का शव मिला था,, बालक के गर्दन और कलाई मे धारदार हथियार से हमले का निशान मिला है। जिसके बाद से उसकी पहचान की लगातार कोशिश की जा रही थी, इसी बीत आज मृत बालक के पडोसी ईश्वर लाल तिर्की को किसी बच्चे के शव मिलने की खबर मिली, जिसके बाद उसका शक , पिछले मंगलवार को घर से लापता गांव के बच्चे की तरफ गया और उसने लखनपुर पुलिस से संपर्क किया,, और मृत बच्चे को परिजनो को लेकर लखनपुर पंहुचा। जिसके बाद परिजनो ने शव की पहचान अपने बेटे के रुप मे की,, इधर शव की परिस्थिती और हत्या के तरीके को देखकर पिता सुमरु और उसके रिश्तेदारो ने नरबली का आंशका जाहिर की है । 308efa2b-4ccd-4ee6-999e-82ae876f35ca

परिजनो के मुताबिक नरबली का शिकार 12 वर्षीय सूरज तीसरी क्लास मे पढता था। और मंगलवार को वो अपने बुआ के यंहा से घर आने के लिए निकला था, तब से उसका कोई पता नही चल रहा था, जिसकी गुमशुदगी की शिकायत भी कोरबा जिले के लेमरु थाना मे दर्ज थी,, इधर सरगुजा एसपी आर एस नायक के मुताबिक मामला नरबलि का नही है और किसी अज्ञात आरोपी ने बच्चे की हत्या कर शव यंहा फेंका है । इतना ही नही एसपी ने पूरे मामले की पडताल के लिए पुलिस अधिकारियो को निर्देश भी दे दिए है।

कल टूंडा गांव मे मे मिले बच्चे के शव को परिस्थिती और जांच के मुताबिक फारेंसिक एक्सपर्ट ने शव को 50 घंटे पुराना बताया था। मतलब 50 घंटे पहले उसकी हत्या हुई होगी। लिहाजा आज पोस्टमार्टम के बाद शव 70 घंटे से ज्यादा पुराना हो गया था और शव की परिस्थिती को देखते हुए परिजनो की सहमति मे शव को समाज की परंपरा के मुताबिक लखनपुर के पास ही दफना दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक कोरबा जिले के जिस लमेरु थाना क्षेत्र से गायब बच्चे का सरगुजा के लखनपुर क्षेत्र मे शव मिला है,, उस लेमरु थाना क्षेत्र से नाबालिग बच्चे बच्चियो के लापता होने का सिलसिला लगातार जारी है। बहरहाल बच्चे की हत्या किसने की , क्या ये वास्तव मे नरबली का मामला है,, ये सवाल पुलिस के साथ उस सभ्य समाज के लिए भी अहम है,, जो 21वी सदी के आधुनिक युग मे नरबली जैसी कुरीतियो से दूर होने का दावा करता है….