जांजगीर चांपा लोकसभा में करोड़पति सांसद पुत्र व किसान पुत्र के बीच जंग…


जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के अंतिम चरण के मतदान कल 23 अप्रैल को होने जा रहा है। जहां जांजगीर चांपा लोकसभा मे 30 साल तक प्रतिनिधि रहे करोड़पति सांसद पुत्र व किसान पुत्र के बीच मुकाबला होने जा रहा हैं । फैसला अब मतदाता के उपर है कल होने जा रहे मतदान मे मतदाताओं मे उत्सुकता के साथ- साथ खमोसी बनी हुई है। जांजगीर चांपा लोकसभा चुनाव में 18 लाख 93 हजार 537 मतदाता जीत हार का फैसला करेगंे। जिले में महिला मतदाता 9 लाख 31 हजार 94 वही पुरूष मतदाता 9 लाख 64 हजार 113 है। जिले में 2 हजार 172 मतदान केन्द्र है जहां मतदान संपन्न होगा। जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ के उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां भरपूर खेती होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसानों की अच्छी खासी तदाद है। किसानों को मोदी की योजनाएं पसंद आ रही हैं। जांजगीर के किसानो को भाजपा की पेंशन योजना की सराहना करते हैं। कहते हैं कि भाजपा ने एक लाख तक ब्याज मुक्त कृषि ऋण देने की घोषणा की है, राज्यों के किसानों को इसका फायदा होगा। कृषि प्रधान जांजगीर.चांपा जिले में बड़ी संख्या में किसानों की जमीन विभिन्न् उद्योगों के लिए अधिग्रहित की गई है, लेकिन वहां अब तक उद्योग नहीं लगे हैं। ऐसे में यहां के लोग भी बस्तर के लोहांडीगुडा की तरह अब जमीन वापस करने की मांग कर रहे हैं। दरअसल यहां के नवागढ़ के गोधाना, कुकदा और सलखन जैसे क्षेत्रों में बिजली संयंत्रों के लिए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहित की गई है।
हमारी तो कोई सुन ही नहीं रहा…
चांपा क्षेत्र देश ही नहीं दुनिया में भी उच्च क्वालिटी के कोसा के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब यह कारोबार ठंडा पड़ता जा रहा है। हैंडलुम को मशीनों से प्रतिस्पर्धा हो रही है। कोसा व्यासायी कहते हैं कि बुनकरों की स्थिति दिन प्रति दिन बिगड़ती जा रही है, लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी के एजेंडें में हम शामिल नहीं हैं।
भाजपा का मजबुत बुथ प्रबधंन …
कांग्रेस के बजाय भाजपा का बुथ प्रबधंन मजबुत नजर आ रहा है। यहां कार्यकर्ता एक -एक बुथ पर मजबुती से अपना उपस्थिति दर्ज करा रहे। लेनिन वही दूसरी ओर कांग्रेस की बुथ प्रबंधन कमजोर हैं यहां कार्यकर्ताओ को प्रत्याशी की ओर से सहयोग नही मिल पाने के कारण कार्यकर्ताओ में उत्सुकता की कमी है।