प्रियंका गांधी को रोकने के तरीके पर प्रदेश की दो महिला राज्यसभा ने जताई आपत्ति.. राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष से की मांग!

रायपुर.. छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा और फूलों देवी नेताम ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा को पत्र लिखकर हाथरस जाते समय प्रियंका गांधी के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर मामला दर्ज कर कठोर कार्यवाही की मांग की है। अपनी शिकायत और मांग पत्र मे कांग्रेस की दोनो महिला नेत्री ने कहा है कि मन बहुत व्यथित है और सिर शर्म से झुका जा रहा है। ऐसा लग रहा है मानों उत्तर प्रदेश में पुलिस महिलाओं के साथ अपमान और दुर्व्यवहार करने पर उतारू है।

3 अक्टूबर, 2020 को दिल्ली से उत्तर प्रदेश के हाथरस जाते हुए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी तथा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने रास्ते में रोका। वे उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित बच्ची के साथ हुए बलात्कार, हिंसा तथा पुलिस की लीपापोती के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे।उनका कहना है की इस दौरान जो कुछ घटा उसने मुझे यह शिकायत करने को बाध्य किया है।


भारत के संविधान में महिलाओं के लिए विशेष कानून हैं, उसमें यह प्रावधान किया गया है कि किसी महिला को रोकने और पकडने का कार्य केवल महिला पुलिसकर्मी ही कर सकती है, कोई पुरूष पुलिसकर्मी नहीं। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी हदें पार कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक पुरुष अधिकारी ने न केवल प्रियंका गांधी को रोका बल्कि बेहद अशोभनीय ढंग से उनके कपड़े भी पकड़कर खींचे। यह तस्वीर टीवी चैनलों, अख़बारों और सोशल मीडिया पर भी प्रमुखता से प्रकाशित-प्रसारित हुई है…