Thursday, September 20, 2018

विशेष लेख …. पर्यटन के नए कीर्तिमान गढ़ता छत्तीसगढ़

रायपुर  लेखक ललित शर्मा द्वारा  छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के डेढ दशक बाद के बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं। राज्य ने लगभग सभी क्षेत्रों में विकास...

सांप्रदायिकता पर सियासी संवेदनशीलता के क्या कहने

पुण्य प्रसून बाजपेयी लोकसभा चुनाव से पहले और लोकसभा चुनाव के बाद के हालात बताते है कि साप्रदायिक हिंसा चुनावी राजनीति के लिये सबसे बेहतरीन...

साहित्य : पं.प्रांजल शुक्ला की कलम से …..

पं. प्रांजल शुक्ला कोरबा छत्तीसगढ़   बरसात आँगन पे सावन की आई बहार, रिमझिम रिमझिम की फुहार,, बरसे रे बदरिया कही धुँवाधार, सरिता पे सदा की तरह तेज चली जब...

कटाक्ष ! मीडिया पर ऊंगली उठाने वालो कि अब ऊंगली भी नही आ रही...

मीडिया वेश्या नही दर्पण है ज़नाब  सोशल मीडिया और चंद प्रभावी अंधभक्तो ने पांच राज्यों के चुनाव नतीजो मे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की समीक्षा पर कई...

मध्यप्रदेश पर्यटन : अब रंग भी, मलंग भी

बिन्दु सुनील पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक स्थापित नाम है। देश-विदेश के पर्यटक प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में पर्यटन...

नीयत, नीति और वायदों को पोटली में बाधकर निकलने का समय आ गया है...

चिरमिरी से रवि कुमार सावरे... आर्टिकल नीयत, नीति और वायदों का समय, नेताजी चुनाव आ गया है कहने का तात्पर्य बिल्कुल साफ है लोकसभा चुनाव सर...

रक्तदान से नहीं आती कमजोरी और रक्त दान की आवश्यकता…

अतुलनीय संवेदनशीलता की मिशाल है-रक्तदान अम्बिकापुर  सभी धर्मों में दान का विशेष महत्व है। दान मानव की संवेदनशीलता का द्योतक है। सामान्यतः अपनी कमाई का दशवां...

राज्य के चहुंमुखी विकास में महिलाओं की भागदारी…

 रायपुर                                                                                                                                                           लेखक-सुनीता केशरवानी स्त्री जननी और मानव जीवन का आधार स्तम्भ हैं। वह घरए परिवार और समाज को मजबूती प्रदान करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी...

विशेष लेख : लाल पानी में दूध की धार

केवल कृष्ण ढोलकाल के शिखर पर गणपति मुस्कुरा रहे हैं। बादलों से लिपटी बैलाडीला की पहाड़ियां उचक-उचक कर देख रही हैं। शंखनी-डंकनी मचल रही हैं।...

वीना सिंह के लेख… बच्चों में घटते संस्कार…

आज भौतिक संस्कृति की बढ़ती चकाचौंध ने हमारे समाज को बुरी तरह प्रभावित किया है जिसने एक तरह की दिखावा संस्कृति को जन्म दिया...
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