कचरा संग्रहण वाहनों पर GPS से रखी जाएगी नज़र.. स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में नंबर-1 बनने की तैयारी ..!

निगम के कचरा संग्रहण वाहनो मे लगेगा जीपीएस

ट्रेकिंग सिस्टम से संग्रहण की स्थिती पर नजर रखेंगे अधिकारी

शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 की तैयारी मे जुटा निगम प्रबंधन  

 अम्बिकापुर

स्वच्छता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके अम्बिकापुर नगर पालिक निगम ने शहरी विकास मंत्रालय द्वारा कराए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 के लिए भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। जिसके तहत निगम प्रबंधन अपने उन वाहनो मे जीपीएस सिस्टम लगाने की तैयारी मे है, जो निगम के विभिन्न इलाको से कचरा संग्रहण कार्य मे लगे है। गौरतलब है कि मौजूदा समय मे निगम और निगम द्वारा संचालित एसएलआरएम केन्द्रो द्वारा शहर मे 40 इलेक्ट्रानिक और मैनुअल वाहनो से कचरा का संग्रहण किया जा रहा है, शुरुआती दौर मे उन वाहनो मे से तकरीबन 10 वाहनो मे जीपीएस सिस्टम लगाकर स्वच्छता की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की योजना बना ली गई है।

अम्बिकापुर नगर पालिक निगम को स्वछता अभियान , ठोस एंव तरल कचरा प्रबंधन के लिए कई राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर का पुरुष्कार मिल चुका है। जिसके बाद निमग अपने कचरा प्रबंधन मे गुणवत्ता लाने के प्रयास आगे भी जारी रखना चाहती है। जिसके तहत निगम प्रबंधन ने फिलहाल निगम क्षेत्र मे कचरा प्रबंधन करने वाले 10 ट्रेक्टर और मेटाडोर पर जीपीएस सिस्टम लगाने की तैयारी मे है। निगम के कचरा संग्रहण करने वाले वाहनो मे लगने वाले जीपीएस (ट्रेकिंग सिस्टम) के लिए निगम प्रबंधन ने भारत संचार निगम लिमिटेड के अधिकारियो से पहले चरण की बातचीत भी की है। जानकारी के मुताबिक बीएएसएन इस काम के लिए ट्राईमेक्स को वर्क आर्डर देगा और ट्राईमेक्स निगम के वाहनो मे जीपीएस सिस्टम लगाने का काम करेगा।

वाहन चालक नही कर पाऐंगे मनमानी

इस सिस्टम के लगने के बाद कचरा का संग्रहण करने वाले वाहन चालक अपनी मनमानी भी नही कर सकेंगे क्योकि इस सिस्टम के लगने के बाद निगम के आला अधिकारी अपने मोबाईल और कंप्यूटर सिस्टम मे ये भी देख सकेंगे कि कौन सा वाहन किस रुट से वाहन ले जाकर किन-किन स्थानो से कचरा संग्रहण कर रहा है और उस रुट मे कचरा उठाने मे कितना वक्त लग रहा है।

बीएसएनएल उपल्बध कराएगा सिस्टम

जानकारी के मुताबिक निगम के कचरा संगहण करने वाले वाहनो मे जीपीएस मतलब ट्रेकिंग सिस्टम लगाने के लिए निगम और बीएसएनएल के बीच एग्रीमेंट भी हो चुका है। इस एग्रीमेंट के तहत बीएसएनएल निगम प्रबंधन को सिम और साफ्टवेयर उपल्बध कराएगा। जिसके बाद निगम शुरुआती दौर मे अपने 10 बडे कचरा संग्रहण वाहनो मे इस सिस्टम को इंस्टाल करेगा। इतना ही नही इस सिस्टम से वाहनो की गतिविधियो पर नजर रखने के लिए एक मोबाईल एप्स भी होगा। जिसके माध्यम से निगम आय़ुक्त, निगम के स्वच्छता एंव स्वास्थ अधिकारी समेत कुछ जवाबदार अधिकारी कचरा संग्रहण करने वाले वाहनो पर नजर रखेंगे।

बाद मे मैनुअल वाहनो मे भी लगेगा जीपीएस

स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 मे अम्बिकापुर नगर निगम को अव्वल बनाने के उद्देश्य से निगम ने अपने कचरा संग्रहण वाहनो मे जीपीएस सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। निगम अधिकारियो के मुताबिक पहले दौर मे जंहा निगम के 10 बडे वाहन जिसमे ट्रेक्टर ,मेटाडोर मे जीपीएस सिस्टम लगाकर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा। तो वही आगामी दिनो मे निगम अंतर्गत संचालित ठोस एंव तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलआरएम) केन्द्रो मे लगे मैनुअल वाहनो मे भी इस सिस्टम को लगाने की योजना निगम द्वारा बना ली गई है। दरअसल एसएलआरएम केन्द्रो मे लगे मैनुअल वाहनो मे बैट्री नही होती है, जिससे जीपीएस सिस्टम को उसमे इंस्टाल नही किया जा सकता है, और निगम के पास मैनुअल वाहनो मे बैट्री लगाने के लिए बजट की भी कमी है, लिहाजा मैनुअल रिक्सा मे ये सिस्टम आगामी महीनो मे इंस्टाल किए जाने की योजना पर विचार हुआ है।

स्वच्छ भारत मिशन पहली प्राथमिकता..सिंगरौल 

अम्बिकापुर नगर निगम के आयुक्त एन.के.सिंगरौल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन सरकार, हमारी और हम सब की पहली प्राथमिकता है , चूंकि शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 कराया जा रहा है, और हम भी अपने शहर मे कचरा संग्रहण सिस्टम को पारदर्शी बनाना चाहते है इसलिए हमने अपने वाहनो मे जीपीएस लगाने का निर्णय लिया है। जिससे हमको ये पता चलेगा कि कचरा संग्रहण की वास्तविक स्थिती क्या है, वाहन किस रुट मे है, रोड मैप क्या है और आने जाने का समय क्या है। इस व्यवस्था के लागू होने से काम मे परफेक्सन भी आएगा और काम बेहतर ढंग से भी हो सकेगा।