स्कूल में पीने के पानी की टंकी में शिक्षक ने किया पेशाब

अम्बिकापुर

जशपुर जिले के पत्थलगांव हायर सेकेण्डरी स्कूल के शिक्षक द्वारा पीने के पानी की टंकी मंे यूरिन करने का मामला सामने आया है। वहीं स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने में जुटा है। जिला शिक्षाधिकारी ने मामले में जांच और कार्यवाही की बात कही है।शिक्षकों से स्कूल में विद्यार्थियों को समुचित शिक्षा देने के साथ ही सामान्य जीवन में भी आचरण के उच्च मानदंड स्थापित करने की अपेक्षा की जाती है परंतु पत्थलगांव में शिक्षक द्वारा मर्यादा को दरकिनार कर पीने के पानी की टंकी में यूरिन करने का मामला सामने आया है। घटना पत्थलगांव में संचालित आजाक बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की है। बताया जाता है कि विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक ने स्कूल की छुट्टी के बाद पीने के पानी की टंकी में यूरिन कर दिया। टंकी स्कूल परिसर में ही प्राचार्य कक्ष के ठीक सामने स्थित कार्यालय में रखी रहती है। बताया जाता है कि कार्यालय में कोई नहीं था। मौका का लाभ उठाते हुए शिक्षक पानी की टंका का ढक्कन हटाकर उसमें यूरिन करने लगा। इसी दौरान स्कूल में पदस्थ एक चपरासी वहां आ पहुंचा और उसने शिक्षक को पीने के पानी में यूरिन करते देख लिया। उसने प्राचार्य श्रीमती एस मिंज को पूरे मामले की जानकारी दी। परंतु प्राचार्य द्वारा मामले की अनदेखी कर दी गई। उधर मामले की जानकारी लगते ही स्कूल में पदस्थ अन्य शिक्षक आगबबूला हो उठे। बताया जाता है कि शिक्षकों द्वारा पूरे मामले में प्राचार्य से लिखित शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग भी की गई थी परंतु इसके बाद प्राचार्य द्वारा आरोपी शिक्षक को समझाईश देकर छोड़ दिया गया।

मामले में कार्रवाई नहीं होने से स्कूल प्रबंधन के रवैये को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि प्राचार्य श्रीमती एस मिंज द्वारा कार्रवाई तो दूर उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना तक नहीं दी गई है। बीईओ राधेश्याम दिवाकर ने मामले में अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने इसे एक अमानवीय और शर्मनाक घटना बताया है। डीईओ श्री पंडा ने भी मामले की जानकारी होने से इंकार किया है। उधर प्राचार्य का कहना है कि मामले में समझौता हो गया है। उनका कहना है कि पानी को किसी को पीने नहीं दिया गया और इसे फिंकवा दिया गया था। उन्होंने इसे घर का मामला बताया है उनका कहना है कि मामला पुराना है और इसमें सब कुछ हो गया है। उन्होंने मामले में चर्चा नहीं करने की बात भी कही।

एनएसयूआई करेगी आंदोलन

एनएसयूआई के छात्रनेता सचिन साहू ने मामले को लेकर आंदोलन करने की बात कही है। उन्होंने इसे एक गंभीर और आपराधिक कृत्य बताया है। उनका कहना है कि शिक्षक के पद के साथ गरिमा जुड़ी है। एक शिक्षक का दायित्व सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने तक ही सीमित नहीं माना जाता अपितु समाज में भी उन्हें विशेष दर्जा प्राप्त है। एक शिक्षक को अपने आचरण से समाज के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल में हुई घटना ने सिर्फ स्कूल ही नहीं अपितु शिक्षक वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंची है वहीं यह विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर प्राचार्य के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने मामले को लेकर आंदोलन करने की बात कही है।