जांजगीर-चांपा। जिले के जल संसाधन विभाग में पदस्थ कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। महिला से छेड़खानी, ठेकेदार से मारपीट, विभागीय अनियमितता और अधीनस्थ कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जैसे आरोप पहले से ही उन पर लगते रहे हैं। आरोप यह भी हैं कि वर्षों से एक ही जिले में जमे अधिकारी ने स्थानांतरण आदेश के बावजूद लेनदेन कर ट्रांसफर रुकवाया और ऊंची पहुंच का रौब दिखाकर अफसरशाही का धौंस जमाता रहा।
ताजा मामला सोशल मीडिया में वायरल उस ऑडियो से जुड़ा है, जिसमें कार्यपालन अभियंता द्वारा विभाग में पदस्थ वाहन चालक, कलेक्टर और एसडीएम के खिलाफ गाली-गलौज व अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया है। सूत्रों से जानकारी के अनुसार ऑडियो सामने आने के बाद जिले से लेकर राजधानी तक वायरल ऑडियो की ही चर्चा हों रही है। और मामले को मैनेज करने के लिए अधिकारी सचिवालय से लेकर मंत्रियों के बंगलों तक चक्कर काट रहे है ।
वायरल ऑडियो कांड ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कार्यपालन अभियंता पर वास्तव में कार्रवाई होगी या यह मामला भी अफसरशाही की भेंट चढ़ जाएगा?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वाहन चालक पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पहुंच और नौकरी से निकालने का डर दिखाकर पूरे मामले को रफादफा करने की कोशिशें तेज़ कर दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता को समझौते के लिए मजबूर किया जा रहा है ताकि मामला आगे न बढ़े और उच्च अधिकारियों तक सच्चाई न पहुंचे।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर गाली-गलौज, धमकी और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। इसके बावजूद यदि दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती है, तो यह प्रशासन की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।
कलेक्टर ने भेजी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा…
वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अपर कलेक्टर से जांच कराई। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव सचिव, जल संसाधन विभाग को प्रेषित कर दिया है।
