जगदलपुर। भीषण गर्मी और उमस से बेहाल छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। देश में तीन दिनों की देरी से पहुंचे दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है और स्थितियां इसके आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आगामी 16 जून को मानसून बस्तर के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर जाएगा।
वैसे, बस्तर संभाग में मानसून की आहट अभी से महसूस होने लगी है, जहां रोजाना गरज-चमक के साथ प्री-मानसून की बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी संभाग मुख्यालय जगदलपुर में दोपहर बाद घने काले बादल उमड़े और शाम होते-होते झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने मौसम को खुशनुमा बना दिया और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत दी।
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को बंगाल की खाड़ी, अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, माहे, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों को कवर कर चुका है। इसी बीच, तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर हवा का एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जो 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है।
छत्तीसगढ़ की बात करें, तो प्रदेश में आज भी एक-दो स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज अंधड़ चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इस दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और इसमें मामूली उतार-चढ़ाव ही देखने को मिलेगा।
