बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सरस्वती साइकिल योजना के तहत बांटी जा रही साइकिलों की घटिया गुणवत्ता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) जरहाडीह में वितरण से पहले साइकिलों की गुणवत्ता न जांचने की लापरवाही पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में सीधे कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और संबंधित स्कूल के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जरहाडीह स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिल वितरण के दौरान गुणवत्ता से जुड़ी खामियाँ सामने आई थीं। कलेक्टर ने इस लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर साइकिलों की मानक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए अधिकारियों को महज दो दिन की मोहलत दी है। उन्हें दो दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या गुणवत्ता सुनिश्चित करने में कोताही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
