रायपुर। डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहाँ युवा तकनीक के नए आयाम छू रहे हैं, वहीं साइबर अपराधों का खतरा भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज बुधवार को छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में युवाओं को उनके विधिक अधिकारों, नैतिक कर्तव्यों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करने के लिए एक विशाल विधिक जागरूकता अभियान का बिगुल फूंका जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की महत्वाकांक्षी ‘जागृति योजना-2025’ के तहत इस पूरे अगस्त माह को ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ की प्रेरक थीम के साथ समर्पित किया गया है।
इस राज्यव्यापी पहल के अंतर्गत जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साझा प्रयासों से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कॉलेजों में ‘लीगल राइट्स वीक’ की शुरुआत हो रही है। पारंपरिक और उबाऊ व्याख्यानों से हटकर युवाओं को जोड़ने के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता, युवा संसद, जीवंत नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग और रोचक विधिक प्रश्नोत्तरी जैसे रचनात्मक माध्यमों का सहारा लिया जाएगा। इन आयोजनों का मुख्य ध्येय भावी पीढ़ी को उनके संवैधानिक अधिकारों, न्याय प्रणाली तक आसान पहुँच और एक जिम्मेदार नागरिक के दायित्वों से सीधे रूबरू कराना है।
इस पूरे अभियान का सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय आकर्षण ‘साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल नागरिकता’ पर केंद्रित रहेगा। आजकल के दौर में जब डीपफेक तकनीक, एआई (AI) आधारित वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया से जुड़े अपराध तेज़ी से पैर पसार रहे हैं, ऐसे में युवाओं को डिजिटल निजता (Digital Privacy) और साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक मंत्र सिखाए जाएंगे। यह विशेष प्रशिक्षण न केवल युवाओं को ऑनलाइन ठगी से बचाएगा, बल्कि उन्हें डिजिटल दुनिया का सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार उपयोगकर्ता बनने में भी पूरी मदद करेगा।
