अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केवरी ने गांव को नशामुक्त बनाने के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। पंचायत ने गांव की सीमा से बाहर जाकर शराब पीने और फिर गांव लौटने वाले 16 ग्रामीणों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए कुल 45,000 रुपये का जुर्माना वसूला है। पंचायत के इस सख्त फैसले से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है और ग्रामीणों के बीच शराबबंदी के इस मॉडल की व्यापक चर्चा हो रही है।
सरपंच मैनेजर राम के अनुसार, केवरी ग्राम पंचायत में 1 सितंबर 2026 से पूर्ण शराबबंदी लागू की गई है। गांव में आए दिन शराब के कारण होने वाले पारिवारिक कलह, विवाद और सामाजिक समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए पंचायत और विशेषकर महिला समूहों ने एकजुट होकर यह ऐतिहासिक फैसला लिया था। नियम लागू होने के बाद से ही पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की टीम द्वारा गांव में निरंतर निगरानी रखी जा रही थी।
इसी निगरानी के दौरान 16 ग्रामीण गांव से बाहर जाकर शराब का सेवन कर लौटते पकड़े गए। पंचायत की सार्वजनिक बैठक में नियमों के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 14 लोगों पर 3,000-3,000 रुपये और दो अन्य लोगों पर 1,500-1,500 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया गया। मौके पर ही 45,000 रुपये का अर्थदंड वसूल कर नियमों की अनदेखी करने वालों को सख्त हिदायत दी गई।
पंचायत का स्पष्ट कहना है कि गांव के शांत वातावरण और भविष्य की सुरक्षा के लिए शराबबंदी के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और यह निगरानी आगे भी जारी रहेगी। वहीं, स्थानीय महिलाओं ने पंचायत के इस कड़े कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इस फैसले से गांव में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है।
