रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय रायगढ़ प्रवास को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए हेलीपैड सहित सभी मुख्य आयोजन स्थलों के तीन किलोमीटर के दायरे को अस्थायी रूप से ‘नो-ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। इस आदेश के तहत निर्धारित परिधि में किसी भी प्रकार के मानवरहित हवाई साधन (ड्रोन) के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासनिक योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर 23 सितंबर को जिंदल एयरपोर्ट के टैक्सी-वे स्थित हेलीपैड पर उतरेगा और 24 सितंबर को यहीं से उनकी रवानगी होगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) की तकनीकी जांच के बाद इस हेलीपैड को लैंडिंग और टेकऑफ के लिए पूरी तरह सुरक्षित और उपयुक्त प्रमाणित किया गया है। हवाई सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए जिंदल एयरपोर्ट, रामलीला मैदान, सर्किट हाउस और खर्रा घाट के तीन किलोमीटर के दायरे में 24 सितंबर तक ड्रोन उड़ानों पर सख्त पाबंदी लागू रहेगी।
अपने इस व्यस्त दो दिवसीय दौरे में मुख्यमंत्री अग्रोहा धाम (ढिमरापुर), ग्राम भोजपल्ली, रामलीला मैदान, मोती महल, सर्किट हाउस और खर्रा घाट में आयोजित विभिन्न सार्वजनिक व समीक्षा कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। आयोजनों की बहुलता को देखते हुए सभी सभा स्थलों, संपर्क मार्गों और विश्राम स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, वीडियोग्राफरों और स्थानीय आयोजनों से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का सम्मान करें, चिन्हित ‘नो-ड्रोन जोन’ में किसी भी प्रकार का ड्रोन न उड़ाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
