जांजगीर-चांपा। जिले की अकलतरा तहसील के मुड़पार गांव में स्थित ऐतिहासिक रामसागर डैम इन दिनों अवैध खनन के अखाड़े और सियासी रसूख की जंग में तब्दील हो चुका है। डैम से अवैध मिट्टी और मुरूम निकालने को लेकर ग्रामीणों और भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के बीच हुआ विवाद अब पुलिस थाने से लेकर कलेक्टोरेट तक गूंज रहा है। सोमवार की रात शुरू हुए इस बवाल ने मंगलवार को उस समय बड़ा रूप ले लिया, जब आक्रोशित ग्रामीणों ने जांजगीर-चांपा कलेक्टर के दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सोमवार की रात खुद भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पोकलेन मशीन और हाइवा गाड़ियां लेकर डैम का सीना छलनी कर रहे थे। जब गांव वालों ने पर्यावरण और जलस्तर को बचाने के लिए इस अवैध उत्खनन का विरोध किया, तो बात सुलझने के बजाय और बिगड़ गई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी नेता ने खुद को सूबे का बड़ा रसूखदार और मुख्यमंत्री का बेहद करीबी बताते हुए ग्रामीणों को जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे डाली। इस रसूख के प्रदर्शन के बाद से पूरे मुड़पार गांव में दहशत के साथ-साथ भारी आक्रोश की लहर है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों ही पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (296, 251, 115, 3(5) आदि) के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर, पलटवार करते हुए भाजपा नेता ने भी ग्रामीणों के खिलाफ काउंटर FIR दर्ज कराई है। अमर सुल्तानिया का दावा है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। उनके मुताबिक, सोमवार की रात गांव के कुछ लोग शराब के नशे में धुत होकर वहां पहुंचे, हुड़दंग किया और जनहित के काम में लगे कर्मचारियों से बदसलूकी की, जिसे शांत कराने वे खुद वहां गए थे।
इस विवाद के बीच गांव के सरपंच के बयान ने मामले को और उलझा दिया है। सरपंच का कहना है कि उन्होंने तालाब गहरीकरण के लिए महज कुछ गाड़ियों को सिर्फ ‘मौखिक’ अनुमति दी थी, लेकिन इतनी बड़ी मशीनें वहां कैसे चल रही थीं, इसकी उन्हें भनक तक नहीं है। बहरहाल, किसानों की सिंचाई और इलाके के वाटर लेवल की लाइफलाइन माने जाने वाले रामसागर डैम के अस्तित्व को लेकर ग्रामीण डटे हुए हैं, और पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
