देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मौसम के कड़े रुख को देखते हुए आज देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, बागेश्वर और टिहरी जिले के लिए भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस मूसलाधार बारिश के कारण सुरक्षा के लिहाज से बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों में आज सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। मौसम के इस बदले मिजाज का सबसे बड़ा असर चारधाम यात्रा पर पड़ा है, जहां भूस्खलन और पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे गुलाबकोटि के पास बंद है, तो वहीं रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग भी सोनप्रयाग और मुनकटिया के बीच पूरी तरह ठप हो गया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर आज सुबह करीब पौने दस बजे मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर और मलबा गिरने लगा। सेक्टर अधिकारी सोनप्रयाग द्वारा इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई, जिसके बाद यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर पैदल आवाजाही को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग को दोबारा चालू करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ युद्धस्तर पर मलबा हटाने के कार्य में जुट गई हैं। उन्होंने साफ किया है कि जब तक यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक यातायात बहाल नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखकर ही अपनी आगे की यात्रा तय करें और केवल आधिकारिक सूचना मिलने तक सुरक्षित स्थानों पर प्रतीक्षा करें। इस बीच, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी रोहित थपलियाल ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून उत्तराखंड के शेष हिस्सों सहित पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसे देखते हुए राज्य आपदा प्राधिकरण ने सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं और स्थानीय निवासियों व पर्यटकों से उफनते नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त अपील की है।
