बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले बलरामपुर के वाड्रफनगर में अंतर्राज्यीय सुरक्षा को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय पुलिस बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें चार राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड के पुलिस अधिकारियों ने एक मंच पर आकर सीमा पार होने वाले अपराधों को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया। सरहदों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए चारों राज्यों की पुलिस ने मिलकर एक बेहद मजबूत और संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है।
इस अंतर्राज्यीय बॉर्डर मीटिंग के दौरान सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माफियाओं और अपराधियों के गठजोड़ को तोड़ने पर विस्तृत रणनीति बनाई गई। अधिकारियों ने अवैध रेत खनन, मवेशियों की अवैध तस्करी, गांजा और शराब के अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन जैसे गंभीर मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया। इसके साथ ही, वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बन चुके साइबर अपराधों से निपटने और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों की धरपकड़ के लिए आपस में तालमेल बिठाकर त्वरित कार्रवाई करने पर रजामंदी बनी।
सरहद पर सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अब केवल बैठकों तक ही बात सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। तय रणनीति के मुताबिक, चारों राज्यों की सीमाओं पर अब नियमित रूप से सघन चेकिंग अभियान और नाकाबंदी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साझा करने के लिए अधिकारियों का एक विशेष डिजिटल ‘वॉट्सऐप ग्रुप’ भी तैयार किया गया है। इस तकनीक के जरिए चारों राज्यों की पुलिस पल-पल की खबरें एक-दूसरे से साझा कर सकेंगी, जिससे अपराधियों को भागने का कोई मौका नहीं मिलेगा।
