– रेत का अवैध कारोबार करने वाले रेत माफियाओं को अभयदान,गरीब ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों पर गिरी गाज!
अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..क्षेत्र में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।लेकिन इस अवैध कारोबार से ज्यादा चर्चा में खनिज विभाग का पक्षपातपूर्ण रवैया बना हुआ है।इस संबंध में स्थानीय ट्रैक्टर चालकों का सीधा आरोप है कि खनिज विभाग का उड़नदस्ता दल केवल छोटे ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है।जबकि एनजीटी की पाबंदियों को धता बताकर नदी का सीना चीरने वाले रसूखदार रेत माफियाओं को खुला अभयदान मिला हुआ है।
मांड नदी से हो रहा भारी अवैध उत्खनन
सीतापुर क्षेत्र के केशला भीठुवा मंगरेलगढ़ रायकेरा ढेलसरा प्रतापगढ़ नवापारा तेलाइधार समेत ग्राम सरगा से होकर गुजरने वाली मांड और मैनी नदियों के घाटों पर दिन-रात अवैध उत्खनन जारी है।ग्रामीणों के अनुसार इन घाटों पर बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर हर दिन लाखों रुपये की रेत बिना किसी वैध रॉयल्टी के निकाली जा रही है।खनिज विभाग द्वारा हाल ही में सीतापुर और आसपास के इलाकों में वाहनों की जांच कर कुछ ट्रैक्टर और गाड़ियों को जब्त करने की दिखावे की कार्रवाई तो की गई।लेकिन नदी में सक्रिय बड़े रेत माफियाओं पर हाथ डालने से विभाग बचता नजर आ रहा है।
छोटे प्यादों पर ही क्यों गिरती है खनिज विभाग की गाज
स्थानीय छोटे ट्रैक्टर मालिकों का कहना है कि वे जीविकोपार्जन के लिए बैंकों के माध्यम से लोन पर ट्रैक्टर लेते हैं।जिसके जरिये वो अपने परिवार का पेट पालने या स्थानीय स्तर पर प्रधानमंत्री आवास जैसे छोटे निर्माण कार्यों के लिए मांड नदी से एक-दो ट्रॉली रेत लाते हैं।जिसे खनिज विभाग द्वारा पकड़ने के बाद सीज कर थाने में खड़ा करा देती है और उन पर भारी जुर्माना ठोक देती है।वहीं दूसरी तरफ रात के अंधेरे में बिना रॉयल्टी पर्ची के दौड़ने वाले रसूखदारों के भारी-भरकम हाईवा और डंपर बेखौफ होकर मुख्य मार्गों से गुजरते हैं।जिन्हें रोकने की हिम्मत विभागीय अमला कभी नहीं दिखाता है।जिससे यह साबित होता है कि रेत के अवैध कारोबार करने वाले रेत माफियाओं एवं खनिज विभाग के बीच मजबूत सांठगांठ है।
कागजी नोटिस से माफियाओं को फायदा
इस संबंध में स्थानीय लोगों समेत ट्रैक्टर मालिकों का आरोप है कि ग्राम सोनातराई समेत अन्य जगहों पर अवैध रेत भंडारण पकड़े जाने पर भी विभाग केवल कागजी नोटिस जारी कर इतिश्री कर लेता है।आज तक खनिज विभाग ने रेत माफियाओं द्वारा अवैध रूप से भंडारण किये गए रेत को सील नही किया न हो दंडात्मक कार्यवाही की।केवल उनके विरुद्ध नोटिस जारी कर मामले को रफादफा कर दिया।विभाग द्वारा ठोस एवं दंडात्मक कार्रवाई न करने का फायदा उठाकर रेत माफिया रातों-रात पूरी अवैध रेत को ठिकाने लगा देते हैं।प्रशासनिक ढीलेपन और कथित सांठगांठ के कारण जहां एक तरफ सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।वहीं अवैध रूप से किये जा रहे रेत खनन की वजह से क्षेत्र की जीवनदायनी मांड नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी पूरी तरह से बिगड़ चुका है।
जनता में भारी आक्रोश,विगत दिनों रेत से भरा हाइवा पकड़कर किया था पुलिस के हवाले
अवैध रेत खनन एवं परिवहन को लेकर खनिज विभाग की इस पक्षपातपूर्ण कार्यवाही के खिलाफ क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरा रोष है।विभाग के इसी दोहरे रवैये से नाराज लोगों ने विगत दिनों देर रात रेत का अवैध परिवहन कर रही हाइवा को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।एनजीटी के प्रतिबंध के बाद भी अवैध रेत खनन एवं परिवहन के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा किये जा रहे पक्षपातपूर्ण कार्यवाही से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल निर्मित होने लगा है।कार्यवाही के दौरान अधिकारियों द्वारा इसी तरह भेदभाव किया जाता रहा तो एक दिन इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग कर्ज में डूबे ट्रैक्टर मालिकों को प्रताड़ित करना बंद करे और मांड नदी का सीना छलनी करने वाले बड़े रेत माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही करें।ताकि मांड़ एवं मैनी नदी से होने वाले अवैध रेत खनन एवं परिवहन पर रोक लग सके।
