अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..रबी सीजन 2026-27 में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, वैज्ञानिक और डिजिटल बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा एफएफएस ऐप लागू की गई है।इस संबंध में ब्लॉक मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में स्थानीय प्रगतिशील किसानों को नए एफएफएस मोबाइल ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी एवं उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी गई।इस डिजिटल प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों की जमाखोरी,कृत्रिम किल्लत और विक्रेताओं की मनमानी को पूरी तरह से रोकना है।
इस संबंध में प्रशिक्षण दे रहे उर्वरक निरीक्षक संतोष बेक ने बताया कि इस ऐप के जरिये किसान घर बैठे खाद बुक कर सकते है।ऐप के जरिये मिलने वाला ई-टोकन 48 घंटे तक वैध रहेगा।उर्वरक निरीक्षक ने बताया कि अब किसानों को खाद के लिए लैंप्स या सोसायटियों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।किसान अब अपने स्मार्टफोन में एफएफएस ऐप डाउनलोड कर आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आसानी से अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे।इसके अलावा किसान सीतापुर और आसपास के केंद्रों में उपलब्ध खाद का लाइव स्टॉक घर बैठे ऐप पर पहले ही देख सकेंगे।इस ऐप के जरिये ऑनलाइन बुकिंग होने पर एक डिजिटल ई-टोकन या क्यूआर कोड जेनरेट होगा जो दो दिनों तक वैध रहेगा।
जिसके आधार पर निर्धारित समय में चिह्नित दुकान पर जाकर जरूरत के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।उन्होंने बताया कि इस ऐप को राज्य के फार्मर रजिस्ट्री,एग्रीस्टैक पोर्टल से मर्ज किया गया है। इसके चलते किसानों को उनकी कृषि भूमि के खसरा रकबा और फसल की आवश्यकता के अनुसार ही मापदंड के तहत उर्वरक की मात्रा आबंटित की जाएगी।जिससे अवांछित टैगिंग और जमाखोरी रुकेगी।प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जानकारी देते हुए बताया गया कि इस डिजिटल प्रकिया को संचालित करने में कृषि विभाग का मैदानी अमला उनका पूरा सहयोग करेगा।
ग्रामीण अंचलों में जिन किसानों के पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है या जिन्हें तकनीकी रूप से ऐप चलाने में परेशानी आ रही है।वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र सहकारी समितियों या कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर अपनी अग्रिम बुकिंग करवा सकते हैं।एसडीओ कृषि विभाग अनिता एक्का ने बताया कि इस डिजिटल कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को रबी फसलों की बुआई के दौरान समय पर और सही दाम पर खाद मिलने में बड़ी राहत मिलेगी।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एसएडीओ कृषि लिली मॉरिस बखला एडीओ महेंद्र पैंकरा रामप्यारी आरएईओ शैलेंद्र विशि उर्मिला कुजूर मनोरंजनी केरकेट्टा बी एस कुर्रे जे पी नाग लेमेश्वर सिंह सी आर तिर्की रामकेश्वर पैंकरा अरुणा लकड़ा धनमेत केरकेट्टा बीटीएम शशिकला एटीएम अमित भगत समेत किसान उपस्थित थे।
