जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की खोखरा जिला जेल से एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में बंद एक विचाराधीन कैदी ने जेल के भीतर कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद जेल प्रबंधन सहित पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
पूरी घटना के सिलसिलेवार घटनाक्रम पर नजर डालें तो बलौदा थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले के तहत आरोपी दुवास केवट को सोमवार, 8 जून को न्यायालय में पेश किया गया था। अदालत के आदेश के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जिला जेल खोखरा भेजा गया था। लेकिन जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने के महज 24 घंटे के भीतर ही, मंगलवार सुबह उसका शव जेल के बाथरूम में कपड़े के फंदे से लटका हुआ पाया गया।
यह मामला तब उजागर हुआ जब सुबह जेल के नियमित निरीक्षण और कैदियों की गिनती की जा रही थी। इस दौरान जब आरोपी काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं निकला, तो ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मियों को संदेह हुआ। भीतर जाकर देखने पर आरोपी फंदे पर झूलता मिला, जिसके बाद आनन-फानन में इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शव को फंदे से उतारकर पंचनामा की औपचारिकताएं पूरी की गईं और फिर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों और उन परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है, जिनके चलते आरोपी ने इतना आत्मघाती कदम उठाया।
इस घटना ने जेल के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह बेहद गंभीर जांच का विषय है कि बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली जेल के अंदर कैदी को बैरक से बाहर बाथरूम में इस तरह का कदम उठाने का मौका कैसे मिला और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
