धमतरी। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की बदहाली और जीवनरक्षक दवाओं के टोटे को लेकर अब सियासत गरमाने लगी है। जिला अस्पताल में मचे इस दवा संकट और दिव्यांगों को उपकरण न मिलने से नाराज पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष लेखराम साहू मंगलवार को सीधे कलेक्ट्रेट जा पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से मुलाकात कर अस्पताल की चरमराई स्वास्थ्य सुविधाओं का कच्चा चिट्ठा खोला और व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की दोटूक मांग की। कलेक्टर से चर्चा के दौरान उन्होंने अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और इससे आम जनता को हो रही भारी परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
पूर्व विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला अस्पताल में लंबे समय से दवाओं की सप्लाई ठप है, जिसके कारण जरूरी दवाओं का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। स्थिति कितनी डरावनी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आपातकाल में हार्ट अटैक के मरीजों को दी जाने वाली जरूरी दवाएं और आवारा कुत्तों के काटने पर लगने वाले एंटी-रेबीज इंजेक्शन तक अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। रोज सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण और गरीब मरीज इलाज की उम्मीद लेकर यहाँ पहुंचते हैं, लेकिन दवाइयां न होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी मेडिकल स्टोरों का रुख करना पड़ रहा है।
जो गरीब महंगे दामों पर दवा खरीदने में अक्षम हैं, उन्हें सीधे अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में महँगी एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाओं का भी अकाल पड़ा है। जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर संकट को दूर करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर उन गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है जो पूरी तरह सरकारी तंत्र के भरोसे हैं।
अस्पताल की अव्यवस्था यहीं खत्म नहीं होती, स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ यहाँ सामाजिक सरोकार भी दम तोड़ रहा है। लेखराम साहू ने कलेक्टर को बताया कि दिव्यांगों के लिए बेहद जरूरी ट्राईसाइकिल और बैसाखी जैसी सामग्रियां भी अस्पताल से नदारद हैं। प्रशासन की इस बेरुखी के कारण ग्रामीण क्षेत्र से आए कामता प्रसाद पाल और पवन कुमार साहू जैसे कई दिव्यांगों को अपनी जेब ढीली कर बाजार से इलेक्ट्रॉनिक ट्राईसाइकिल और बैसाखियां खरीदनी पड़ीं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ आम आदमी कमरतोड़ महंगाई से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल की नाकामी के कारण जरूरतमंदों पर यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला अस्पताल की इस दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए साहू ने प्रशासन को चेताया कि दवाओं और उपकरणों की नियमित उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी गरीब को अपनी जान से हाथ न धोना पड़े।
