हमारी सकारात्मक राजनीति और रचनात्मक लोक नीति पर जनता ने लगायी भरोसे की मुहर : डॉ. रमन सिंह

 

रायपुर, 09 जनवरी 2014

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार का सरोकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी से जुड़ा हुआ है। गांव, गरीब, किसान, मजदूर यानी हर वर्ग को यह महसूस हो रहा है कि यह सरकार उनके हितों के बारे में सोचती है, चिन्तित रहती है और योजनाएं बनाकर उनका अक्षरशः पालन भी करती है।cm 5 0 डॉ. सिंह ने कहा कि जनता ने हमारी सकारात्मक राजनीति और रचनात्मक लोक नीति पर अपने भरोसे और समर्थन की मुहर लगायी है। इसलिए हमें तीसरी बार सरकार बनाने का जनादेश मिला है। हमने 2003, 2008 और 2013 में अपनी नीतियों से और अपने कार्यो से जनता का दिल जीता है।

डॉ. रमन सिंह आज शाम यहां प्रदेश की चौथी विधानसभा के पांच दिवसीय प्रथम सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव पर पक्ष-विपक्ष के 65 सदस्यों द्वारा रखे गए विचारों का उल्लेख करते हुए सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा भी की। डॉ. सिंह ने कहा कि सदन में इस बार पक्ष और विपक्ष को मिलाकर 52 नये सदस्य आए हैं और इन सभी ने पहली बार शानदार तरीके से अपनी-अपनी बात रखी है। मुख्यमंत्री ने सदन के नेता प्रतिपक्ष श्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण के बिन्दुओं पर दिए गए सुझावों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष सहित सभी सदस्यों के सुझावों को हमने नोट किया है। उन पर सरकार गंभीरता से ध्यान देगी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का नीतिगत दस्तावेज होता है। हम इसमें पूरी तरह से सफल होंगे और इसका अक्षरशः पालन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने अपने वर्ष 2013 के घोषणा पत्र के अनुरूप प्रदेश के लगभग 48 लाख गरीब परिवारों को एक रूपए प्रति किलो की दर से हर महीने 35 किलो चावल अथवा गेहूं देने की शुरूआत कर दी है। हमने अपनी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ की पूरी आबादी को स्वाभिमान के साथ जीने का अवसर दिया। इनमें से दूर-दराज इलाकों में कई गरीब परिवार केवल कन्दमूल खाकर जीवन यापन करते थे। ऐसे परिवारों को भी सस्ते चावल की योजना का लाभ हम दे रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता स्वाभिमानी है और वह निःशुल्क अथवा मुफ्त का चावल लेना पसंद नहीं करती। डॉ.रमन सिंह ने कहा कि चार सौ से ज्यादा वन ग्रामों को राजस्व गांवों में बदला जा रहा है, ताकि वहां के लगभग 40 हजार परिवारों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दो कार्यकाल में हमने जनता से किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। पिछले घोषणा पत्र के प्रत्येक बिन्दु पर अक्षरशः अमल किया है। यही वजह है कि तीसरी बार यहां लौटकर आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घोषणा पत्र पांच वर्ष की कार्य योजना है। हमने इस बार सरकार बनाने के प्रथम दिवस पर ही अपना यह घोषणा पत्र क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव को सौंपा, ताकि सरकारी मशीनरी के माध्यम से घोषणा पत्र के प्रत्येक बिन्दु पर अमल शुरू किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य की शुरूआत करते हुए कहा कि मैं सबसे पहले प्रदेश की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने हम सबका चयन कर सदन में भेजा है। डॉ. सिंह ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग सहित निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया। डॉ. रमन सिंह ने इस मौके पर गुरू बाबा घासीदास, अमर शहीद वीर नारायण सिंह, गूण्डाधूर, पंडित सुन्दरलाल शर्मा, यतियतन लाल, बैरिस्टर छेदीलाल सहित छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता की भावना का प्रसार किया। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहां जाति-पांति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। छत्तीसगढ़ महतारी अलग-अलग रंग के फूलों का एक सुन्दर गुलदस्ता है। यहां विद्वेष की नहीं बल्कि एकता और समन्वय की राजनीति और लोक नीति चलती है। मुख्यमंत्री ने झीरमघाटी के नक्सल हमले में शहीद नेताओं का उल्लेख करते हुए विगत विधानसभा के सदस्य रह चुके सर्वश्री नन्दकुमार पटेल, उदय मुदलियार और महेन्द्र कर्मा सहित अन्य शहीदों को भी याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा राज्य निर्माण के साथ ही छत्तीसगढ़ के विकास की शुरूआत हुई। हमने प्रदेश के निर्माण में अटल जी के योगदान को यादगार बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल चौक निर्माण की योजना शुरू की है। इसी तरह उनके जन्म दिन पर इस बार 17 लाख खेतिहर श्रमिकों के जीवन में एक बेहतर परिवर्तन लाने के लिए अटल खेतिहर मजदूर बीमा योजना का शुभारंभ किया गया है।

 डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विगत दस वर्ष में हमने अपनी योजनाओं के जरिए किसानों का धान खरीदने की अच्छी व्यवस्था की। किसानों को सिंचाई के लिए साढ़े सात हजार यूनिट बिजली निःशुल्क दी जा रही है। ढाई लाख से ज्यादा सिंचाई पम्पों का विद्युतीकरण किया गया। इसके फलस्वरूप बीते एक साल में 71 लाख 36 हजार मीटरिक टन धान खरीदकर हमने किसानों को समर्थन मूल्य और 270 रूपए प्रति क्विंटल बोनस के साथ दस हजार 922 करोड़ रूपए यानी लगभग ग्यारह हजार करोड़ रूपए का एक साल में भुगतान किया। विगत दस वर्ष में प्रदेश के किसानों से सहकारी समितियों में चार करोड़ 24 लाख मीटरिक टन धान खरीदकर समर्थन मूल्य और बोनस के रूप में लगभग 43 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2100 रूपए प्रति क्विंटल करने के लिए हमने पहल करने और 300 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देने का वायदा किया है। डॉ. सिंह ने कहा कि धान का समर्थन मूल्य केन्द्र सरकार तय करती है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर प्रधानमंत्री से मिलेंगे और उनसे इसके लिए आग्रह करेंगे, जबकि 300 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस देने के लिए राज्य सरकार अपने बजट में प्रावधान करेगी। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत हमने प्रदेश के सभी 56 लाख परिवारों को सालाना 30 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज के लिए स्मार्टकार्ड देने का अभियान शुरू किया है। प्रदेश में लगभग 95 प्रतिशत असंगठित श्रमिक हैं। उनके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं बनाकर लाखों श्रमिकों को लाभान्वित किया गया। लगभग 13 लाख असंगठित श्रमिकों का हमने पंजीयन किया है। डॉ. रमन सिंह ने सदन को सम्बोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत निःशुल्क टेलीफोन नम्बर 108 पर आधारित संजीवनी एक्सप्रेस और 102 पर आधारित महतारी एक्सप्रेस की निःशुल्क एम्बुलेंस सेवाओं की भी जानकारी दी।