कवर्धा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक ने एक ऐसी कहानी गढ़ी है, जो हर किसी के लिए प्रेरणा का सबब बन गई है। सरायपाली की मेधावी छात्रा शहनाज़ परवीन ने 97.60% अंक अर्जित कर न केवल अपने परिवार का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि राज्य की मेरिट सूची में चौथा स्थान प्राप्त कर पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन कर दिया है। शहनाज़ की यह सफलता केवल अंकों की नहीं, बल्कि उस अटूट संकल्प की जीत है, जो अभावों की मिट्टी से निकलकर कामयाबी के शिखर तक पहुँची है।
इस सफलता की सबसे खूबसूरत तस्वीर उनके घर की चौखट पर दिखाई देती है। जहाँ एक तरफ शहनाज़ के पिता और भाई दिन-रात एक कार वाशिंग सेंटर पर पसीना बहाते हैं, ताकि गाड़ियों की चमक बरकरार रहे, वहीं दूसरी तरफ शहनाज़ ने किताबों के जरिए अपने भविष्य को चमकाया है। परिवार का यह कार वाशिंग सेंटर उनकी मेहनत और ईमानदारी का प्रतीक है, जिसने शहनाज़ को सिखाया है कि पसीने की कमाई का मोल क्या होता है। पिता और भाई के हाथों की मेहनत और बेटी की आँखों में सजे IAS बनने के सपने ने आज सरायपाली के इस परिवार को नई पहचान दी है।
शहनाज़ की सफलता यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी कभी भी सपनों के आड़े नहीं आती। परिणाम के बाद घर में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा है, लेकिन शहनाज़ अपनी इन उपलब्धियों को केवल एक पड़ाव मानती हैं। उनका लक्ष्य स्पष्ट है, UPSC की तैयारी कर प्रशासनिक सेवा में जाना और समाज में एक बड़ा बदलाव लाना। कार वाशिंग सेंटर के धूल भरे माहौल से निकलकर राज्य की टॉपर्स सूची में नाम दर्ज कराने वाली शहनाज़, आज उन सभी युवाओं के लिए एक मशाल बन चुकी हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।
