दुर्ग। छत्तीसगढ़ की राजनीति का गढ़ माने जाने वाले दुर्ग जिले में यूथ कांग्रेस के सांगठनिक चुनावों ने सियासी पारे को अचानक बढ़ा दिया है। संगठन के इतिहास में यह पहला मौका है जब ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक, कुल छह महत्वपूर्ण पदों के लिए एक साथ मतदान होने जा रहा है। इस अभूतपूर्व और बहुकोणीय मुकाबले ने युवा कांग्रेस के भीतर वर्चस्व की जंग को बेहद दिलचस्प बना दिया है। जिले के तमाम दिग्गज नेता इस ताक में हैं कि संगठन की कमान उनके किसी खास सिपहसालार के हाथों में आ जाए, जिसके लिए पर्दे के पीछे से बिसात बिछाई जाने लगी है।
दुर्ग जिला हमेशा से ही सूबे की सियासत का पावर सेंटर रहा है, यही वजह है कि इस जमीनी चुनाव को बड़े नेताओं के राजनीतिक रसूख और प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनावी रणभेरी बजते ही विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों का दौर तेज हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का खेमा संगठन में अपना पुराना दबदबा कायम रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। उनके पुत्र चैतन्य बघेल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर खुद कमान संभाले हुए हैं और लगातार सांगठनिक गतिविधियों को धार दे रहे हैं। दूसरी ओर, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और भिलाई के युवा विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक भी अपने-अपने इलाकों में पैठ मजबूत करने के लिए जमीन पर उतर चुके हैं।
इस बार की चुनावी जंग सिर्फ चेहरों की नहीं, बल्कि जमीनी पकड़ साबित करने की भी है। पूर्व विधायक अरुण वोरा से जुड़े नेता अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में समीकरण दुरुस्त करने में व्यस्त हैं। चूंकि इस चुनाव में जीत का पूरा दारोमदार इस बात पर टिकेगा कि कौन सा गुट सबसे ज्यादा सदस्य बना पाता है, इसलिए सभी धड़े इस वक्त डिजिटल सदस्यता अभियान में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। संभावित प्रत्याशियों के नामों की स्क्रीनिंग और पैनल तैयार करने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि सही समय पर सही मोहरे को आगे किया जा सके।
इस पूरे महासंग्राम को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए इस बार ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री के पदों पर एक साथ ‘डिजिटल वोटिंग’ कराई जाएगी। संगठन का प्रत्येक पंजीकृत सदस्य इन सभी छह पदों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा। नामांकन से लेकर मतदाता पंजीकरण तक की पूरी प्रक्रिया को ‘With IYC’ (विथ आईवाईसी) ऐप के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जहां इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित शुल्क के साथ अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने जा रहा यह मुकाबला यह तय करेगा कि दुर्ग के युवा नेतृत्व पर किस दिग्गज का हाथ रहने वाला है।
