जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। अकलतरा विकासखंड के ग्राम कोटमीसोनार स्थित कर्रा नाला जलाशय के गेट पर अचानक आई दरार और बांध के पास तेजी से हुए मिट्टी के कटाव ने प्रशासन की सांसें फुला दी हैं। बांध से पानी का भारी रिसाव शुरू होते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। खतरे की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दोनों आला अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए खुद कमान संभाली और अधिकारियों को युद्धस्तर पर बांध की मरम्मत करने के सख्त निर्देश दिए।
इस संकट काल में प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, सीईओ विनय पोयाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप और एसडीएम सुमित बघेल सहित जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञ लगातार मौके पर डटे रहे। किसी भी बड़े हादसे को टालने के लिए जल संसाधन विभाग की दो तकनीकी टीमों को तुरंत मोर्चे पर लगाया गया है, जो रात-दिन एक कर बांध के गेट और मिट्टी के कटाव को सुरक्षित करने में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही कुटीघाट क्षेत्र के जिन घरों में पानी भरा था, वहां से भी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित गांवों में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। अकलतरा तहसील के ग्राम बड़े अमेरी और कोटमीसोनार के भाटापारा इलाके से करीब 125 ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर कोटमीसोनार में बनाए गए अस्थाई राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है। बेघर हुए इन परिवारों के लिए प्रशासन ने ठहरने, साफ पानी और भोजन की पुख्ता व्यवस्था की है। इसके अलावा, शिविर में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष मेडिकल टीम तैनात की गई है, जो लगातार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जरूरी दवाइयां बांट रही है ताकि जलभराव के कारण मौसमी बीमारियां न फैलें।
फिलहाल जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीमें 24 घंटे स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। कलेक्टर और एसपी ने नागरिकों से धैर्य रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि भारी बारिश के दौरान कोई भी व्यक्ति उफनते नदी-नालों, पुलों या रपटों को पार करने का जोखिम न उठाए। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।
