अम्बिकापुर। सरगुजा जिला मुख्यालय के अम्बिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बौरी तालाब क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बड़ी चोरी की वारदात का पुलिस ने चंद घंटों के भीतर भंडाफोड़ कर दिया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के कुशल दिशा-निर्देशन में चलाई जा रही अपराधियों की धरपकड़ मुहिम के तहत कोतवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी के मामले में संलिप्त दो सगे पड़ोसियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से शत-प्रतिशत चोरी का सामान बरामद करने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पकड़े गए शातिर आरोपितों ने सूने मकान का फायदा उठाकर न केवल सोने-चांदी के कीमती आभूषण पार किए थे, बल्कि घर के सामने खड़ी मोटरसाइकिल भी उड़ा ले गए थे।
घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थिया फुलेश्वरी कुजूर, पति स्वर्गीय महेश्वर कुजूर (निवासी बौरी तालाब, काली मंदिर के पास, अम्बिकापुर) ने थाना कोतवाली में आकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, वे बीते 20 मई को अपने मकान में ताला बंद कर अपने बेटे के साथ किसी पारिवारिक काम से जमशेदपुर, झारखण्ड गई हुई थीं। जब वे 23 मई को झारखण्ड से वापस अपने घर लौटीं, तो उनके होश उड़ गए। घर के भीतर सारा सामान बिखरा पड़ा था और पहली मंजिल की बालकनी के पास लगे दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी।
आलमारी की जांच करने पर उसमें रखे सोने का एक मंगलसूत्र, नाक की कीमती लौंग, दो सेट चांदी की पायल, एक चांदी का सिक्का और नगद 8000 रुपये गायब थे। इसके साथ ही घर के परिसर में खड़ी उनकी पैशन प्रो मोटरसाइकिल (वाहन क्रमांक सीजी 15 डीपी 2058) भी नदारद थी। इस गंभीर मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 338/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4) एवं 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर सघन जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान 24 मई को मुखबिर से एक बेहद पुख्ता सूचना प्राप्त हुई कि प्रार्थिया के पड़ोस में रहने वाले दो युवक, संजय पटेल और अभिषेक चेरवा, पिछले दो-तीन दिनों से अचानक बेहद खर्चीली जीवनशैली जी रहे हैं। वे भारी मात्रा में नगदी लेकर घूम रहे हैं और महंगी शराब व मुर्गा-बकरा पार्टी का लुत्फ उठा रहे हैं। इतना ही नहीं, दोनों संदिग्ध आपस में सोने-चांदी के जेवरातों को औने-पौने दामों में बेचने के लिए किसी ग्राहक की तलाश भी कर रहे थे। इस सूचना को आधार बनाकर पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए दोनों संदेहियों को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ शुरू की।
शुरुआती आनाकानी के बाद, पुलिसिया पूछताछ के सामने दोनों आरोपितों ने घुटने टेक दिए और स्वीकार किया कि उन्होंने ही पड़ोस में रहने वाली फुलेश्वरी कुजूर के सूने मकान की रेकी कर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपित अभिषेक चेरवा (उम्र 24 वर्ष) के मेमोरेण्डम के आधार पर उसके कब्जे से चोरी का एक सोने का मंगलसूत्र, दो नग सोने का लॉकेट, दो नग सोने का टप्स, दो जोड़ी चांदी की पायल और नगदी रकम बरामद की।
वहीं, दूसरे आरोपित संजय पटेल (उम्र 35 वर्ष, दोनों निवासी बौरीबांध काली मंदिर के पास, अम्बिकापुर) के मेमोरेण्डम पर गौरी मंदिर पुलिस लाइन के पास छिपाकर रखी गई पैशन प्रो मोटरसाइकिल को बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य और अपराध सिद्ध होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस त्वरित और सफल कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी व निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक देवनारायण यादव, आरक्षक दीपक दास, नितिन सिन्हा, विवेक राय और अमित विश्वकर्मा की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
