स्पाईनल पीडि़तों को है जागरूकता की जरूरत-डॉ. कटकवार

दो दिवसीय प्रत्यारोपण शिविर में 150 लोगों को मिला उपचार

अम्बिकापुर

शैल्वी हॉस्पीटल जबलपुर एवं स्थानीय तेज डायग्नोटिक के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित निरूशुल्क घुटना एवं कुल्हा प्रत्यारोपण परामर्श शिविर में सरगुजा के लगभग 150 लोगो को उपचार व परामर्श का लाभ मिला। 12 से 13 दिसम्बर तक आयोजित इस शिविर में शैल्वी हॉस्पीटल के हड्डी एवं जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. अरूण कटकवार ने लोगों को परामर्श देते हुये उपचार किया।

शिविर के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुये डॉ. कटकवार ने कहा कि स्पाईनल पीडि़तों को यहां जागरूकता की कमी है। इससे पीडि़त लोगों को जागरूक होना चाहिये और यह मानकर चलना चाहिये कि अब इसका भी उपचार कम खर्चे में संभव है। उन्होंने बताया कि घुटने व कुल्हे के प्रत्यारोपण सहित स्पाईनल की किसी भी समस्या का उपचार संभव है। घुटने की बीमारी के बारे में उन्होंने बताया कि कम से कम चिरा लगाकर 25 मिनट में उसका प्रत्यारोपण हो जाता है। यही नहीं तीन घंटे के अंतराल में मरीज चलने भी लगता है। प्रत्यारोपण के बाद न तो कोई बेड रेस्ट और न ही कोई समस्या होती है। इसके साथ ही प्रत्यारोपण के बाद 15 से 20 साल तक पीडि़तों को घुटने संबंधी किसी भी प्रकार का सामना नहीं करना पड़ता है। जरूरत है तो सिर्फ जागरूकता पैदा करने की। स्पाईनल की समस्या में जागरूकता पैदा करना सबसे अहम चीज है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि जब तक आदमी जीवित रहे तब तक उसे इन बीमारी को लेकर कोई भी अवधारणा न रहे। अपने जीवन काल में अब तक शैल्बी हॉस्पीटल की टीम व उनके द्वारा 80 हजार सर्जरी का अनुभव रखकर वल्र्ड रिकार्ड कायम करने के बाद डॉ. कटकवार का मानना है कि किसी भी काम में क्वालिटी होना बहुत जरूरी है। प्रेसवार्ता के दौरान तेज डायग्रोटिस्क के संचालक नरेंद्र सिंह टुटेजा ने अपने अनुभव को सबके सामने रखा। इस दौरान शैल्बी हास्पीटल के डॉ. अतुल सिंह, मार्केटिंग मनेजर अमरीश मिश्रा, डॉ. सुषमा सिंहा, डॉ. गांगुली, डॉ. शारदा भगत, डॉ. मनीष, डॉ. पूजा रेलवानी सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे।