पंचायत मंत्री श्री चन्द्राकर की अध्यक्षता में राज्य सतर्कता एवं निगरानी समिति की हुई बैठक

 

रायपुर

योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बहुमूल्य सुधार लाने
अधिकारियों को दिए निर्देश

किसानों को नामांतरण, बी-1 खसरा समय पर देने के नियमों का करें पालन

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन ) स्थित समिति कक्ष में राज्य सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में शसन द्वार संचालित विभिन्न योजनओं, कार्यक्रमों के अंतर्गत प्राप्त आबंटन, व्यय और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।  चन्द्राकर ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देश पर सतर्कता एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन मेें बहुमूल्य सुधार लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री चन्द्राकर ने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं का समय-सीमा में बेहतर क्रियान्वयन होना चाहिए। प्रदेश के ग्रामीण  गरीब परिवारों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियाादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए।  चन्द्राकर ने कहा कि  किसानों को नामांतरण, नकल, बी-1 नक्शाश्र-खसरा जैसी राजस्व के छोटी-छोटी बातों के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। बैठक में रायपुर के लोकसभा सांसद  रमेश बैस, बस्तर के लोकसभा सासंद श्री दिनेश कश्यप, महासमुंद के लोकसभा सासंद  चन्दूलाल साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एम.के. राउत, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव  अमिताभ जैन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास विभाग के सचिव  पी.सी.मिश्रा, सचिव राजस्व सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में  चन्द्राकर ने अधिकारियों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, इंदिरा आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय भू-रिकार्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकाी ली। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में 39 लाख 37 हजार 255 परिवारों को पंजीयन किया गया है। इसमें 20 लाख 85 हजार परिवारों द्वारा रोजगार की मांग पर 13 लाख दो हजार 461 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। सौ दिन रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या 39 हजार से अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में 31 दिसम्बर 2015 की स्थिति में  साढ़े उन्तीस हजार किलोमीटर लम्बाई की छह हजार 697 सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई । इसमें 25 हजार 736 किलोमीटर लम्बाई की  छह हजार 073 सड़के पूर्ण की जा चुकी हैं। शेष सडकों का निर्माण प्रगति पर है। स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 1986 गांवों को खुले में शौच मुक्त ग्राम बनाने का लक्ष्य था जिसके विरूद्ध अबतक 1443 गांवों को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया जा चुका है। अधिकारियों ने बेताया कि व्यक्तिगत शौचालय के तहत दो लाख तेरह हजार 785 शौचालय का निर्माण किया जा चुका है तथा तीन लाख सात हजार 984 शौचालय निर्माण प्रगति पर है।
बैठक में सासंद  रमेश  बैस ने पटवारियों को मुख्यालय मे रहने और किसानो की समस्याओं  को शीघ्र निराकरण करने के सुझाव दिए। श्री बैस ने गांवो की वास्तविक तथ्यों से परिचित होने और उस समस्याओं का निराकरण कैसे किया जाए इस पर ठोस योजना बनाए। सासंद  दिनेश कश्यप ने कहा कि बस्तर श्रेत्र में हो रहे सड़कों के निर्माण तेजी से हो। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सडकाे और मुख्य मंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को जोड़ने का सुझाव दिए।  महासमुन्द के सासंद  चन्दूलाल साहू ने कहा कि बंदोबस्त त्रुटियों को सुधारने के लिए अधिकारियों को विशेष ध्यान देना चाहिए।