बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कानून के रखवाले द्वारा ही कानून को तार-तार करने का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक पुलिस आरक्षक पर शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
घटना की शुरुआत साल 2023 में हुई थी, जब पीड़ित युवती की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए आरोपी आरक्षक से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा और यह जान-पहचान गहरी दोस्ती में बदल गई। इस दौरान आरोपी ने अपनी असलियत छुपाते हुए खुद को कुंवारा बताया और युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। पीड़िता उसके बहकावे में आ गई, जबकि हकीकत यह थी कि आरोपी पहले से ही शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी थे।
झूठे वादों के जाल में फंसाकर आरोपी पिछले तीन साल से युवती का लगातार यौन शोषण करता रहा। इस बीच जब भी पीड़िता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया, वह हर बार टालमटोल करता रहा और अंत में उसने साफ मना कर दिया। वारदात के समय आरोपी आरक्षक बिलासपुर के तखतपुर थाने में ही तैनात था। धोखे का अहसास होने पर पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और सीधे तखतपुर थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी आरक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
