अहमदाबाद/भोपाल। देश की आंतरिक सुरक्षा को भेदने की एक और बड़ी और खतरनाक साजिश को नाकाम करते हुए गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़े ऑपरेशन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह ताबड़तोड़ कार्रवाई गुजरात और मध्य प्रदेश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी करके की है। एटीएस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का एक बेहद सक्रिय और मजबूत स्लीपर सेल या नेटवर्क तैयार करने की फिराक में थे, ताकि आने वाले समय में राज्य को दहलाने वाली किसी बड़ी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया जा सके।
लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर चल रहे इन संदिग्धों की गतिविधियों पर एटीएस की पैनी नजर थी। पुख्ता खुफिया इनपुट मिलने के बाद एटीएस ने मध्य प्रदेश और गुजरात पुलिस के समन्वय के साथ जाल बिछाया और इन आठों को धर दबोचा। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस नेटवर्क का मुख्य मकसद स्थानीय स्तर पर युवाओं का ब्रेनवॉश करना, उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलना और संगठन के लिए नए चेहरों को जोड़कर फंड इकट्ठा करना था। एटीएस अब इन सभी आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स, सोशल मीडिया चैट्स और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि इन्हें सरहद पार से या देश के भीतर से कौन हैंडल कर रहा था।
जांच के दायरे को बढ़ाते हुए एटीएस ने इन सभी के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और आतंकी संगठन से सीधे संबंध होने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा (19), इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा उर्फ अबू हमजा (30), मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू आया (22), जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ जकारिया पालनपुरी (21), मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा उर्फ मुफ्ती साहब (40), मोहम्मद अमीन शेरा उर्फ अमीन पालनपुरी (21), मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी उर्फ अबू उनीसा (22) और बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ उमर बिन खत्ताब (18) के रूप में हुई है।
इस पूरे नेटवर्क के तार कई जिलों और शैक्षणिक व धार्मिक संस्थानों से जुड़े होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्कता बरत रही हैं। पकड़े गए आरोपियों में से कुछ बनासकांठा जिले के पालनपुर क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि कुछ के पाटन और नवसारी स्थित मदरसों से जुड़े होने की बात सामने आई है। वहीं, इस सिंडिकेट का एक आरोपी मध्य प्रदेश के देवास जिले का रहने वाला है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग जिलों और राज्यों के इन युवाओं के बीच संपर्क का माध्यम क्या था और इनका मुख्य कमांडर कौन है? एटीएस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब संयुक्त रूप से इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासों और गिरफ्तारियों की उम्मीद जताई जा रही है।
