इंदौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की टीम ने इंदौर और देवास समेत 15 विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। शुरुआती जांच में ही फिरोज खान के पास 11.01 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब व अनुपातहीन संपत्ति उजागर हुई है, जो कि उसकी ज्ञात आय से 568 प्रतिशत अधिक है।
जांच एजेंसी के आकलन के अनुसार, सेवाकाल के दौरान आरोपी की वैध आय करीब 1.93 करोड़ रुपये बैठती है, जबकि उसके द्वारा किया गया कुल व्यय और निवेश लगभग 12.95 करोड़ रुपये पाया गया। लोकायुक्त की इस पड़ताल में फिरोज खान, उसकी पत्नी, मां, एक परिचित महिला और मुखौटा कंपनियों के नाम पर दर्ज कुल 33 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की रजिस्ट्री खरीद दर 11.57 करोड़ रुपये दर्ज है, जबकि वर्तमान में इनका बाजार मूल्य लगभग 29.73 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि एक परिचित महिला रोशनी वर्मा के नाम पर करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया गया था।
अचल संपत्तियों के अलावा वित्तीय लेन-देन और वाहनों का बड़ा बेड़ा भी लोकायुक्त के शिकंजे में आया है। टीम ने मौके से ट्रक, लग्जरी कार, स्कॉर्पियो, दोपहिया समेत कुल 9 वाहनों के दस्तावेज जब्त किए हैं। वित्तीय पड़ताल के दौरान इंदौर, उज्जैन और देवास के विभिन्न बैंकों में संचालित 21 बैंक खातों का पता चला है, जिनके संचालन और निकासी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही साहिल ट्रेडिंग कंपनी और कई रियल एस्टेट फर्मों में संदिग्ध निवेश की जांच की जा रही है। देवास और इंदौर में लोकायुक्त की सर्चिंग अभी जारी है और जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना है।
