नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बेहद तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। मॉनसून ने अरब सागर के हिस्सों समेत महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई नए इलाकों में अपनी मजबूत दस्तक दे दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मॉनसून के छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल बनी हुई हैं।
इस मौसमी बदलाव के कारण अगले 48 से 72 घंटों के भीतर कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक समेत मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि लगातार होने वाली इस तेज बारिश से पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों में जलभराव और भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, उत्तर भारत के राज्यों को मॉनसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मॉनसून की एंट्री की उम्मीद नहीं है और लोग 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के पारे के साथ भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से राजधानी और आसपास के इलाकों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी या धूल भरी आंधी चलने से अधिकतम तापमान गिरकर 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच आ सकता है, लेकिन उमस के कारण गर्मी से पूरी राहत मिलने के आसार कम ही हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार के मौसम में भी अब धीरे-धीरे बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई वाले जिलों में अगले दो-तीन दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की शुरुआत हो सकती है, जिससे वहां के लोगों को तपिश से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, पश्चिमी यूपी में अभी उमस भरी गर्मी का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि यूपी में मॉनसून मध्य जून तक पूरी तरह प्रवेश कर जाएगा। वहीं पड़ोसी राज्य बिहार में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसके चलते उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
