कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजां में आज एक बड़ा बदलाव दर्ज हो रहा है। 4 मई को आ रहे चुनावी रुझानों ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता की दहलीज पार कर चुकी है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को 15 साल बाद विदाई का सामना करना पड़ सकता है। इस ऐतिहासिक उलटफेर के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठेगा? सत्ता के इस शिखर तक पहुँचने की दौड़ में पाँच दिग्गज चेहरे सबसे आगे नजर आ रहे हैं।
इस लिस्ट में पहला नाम सुवेंदु अधिकारी का है, जो नंदीग्राम के ‘जायंट किलर’ और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी धाक जमा चुके हैं। ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में चुनौती देने वाले सुवेंदु फिलहाल सीएम पद की रेस में सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उनके ठीक पीछे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता दिलीप घोष खड़े हैं, जिन्होंने आरएसएस प्रचारक से लेकर मेदिनीपुर के सांसद तक का लंबा सफर तय किया है और संगठन पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।
पार्टी के भीतर एक और प्रभावशाली नाम डॉ. सुकांत मजूमदार का है। बालुरघाट से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री मजूमदार न केवल शिक्षित और सौम्य चेहरा हैं, बल्कि केंद्रीय नेतृत्व के भी बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं। यदि भाजपा किसी महिला चेहरे पर दांव लगाने का मन बनाती है, तो अग्निमित्रा पॉल एक सशक्त विकल्प के रूप में उभरती हैं। फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं अग्निमित्रा ने आसनसोल दक्षिण में अपनी सक्रियता से पार्टी को नई ऊर्जा दी है।
वहीं, कला और राजनीति का संगम बनीं रूपा गांगुली भी इस दौड़ से बाहर नहीं हैं। महाभारत की ‘द्रौपदी’ के रूप में घर-घर पहचान बनाने वाली रूपा गांगुली राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उनकी प्रखरता उन्हें मुख्यमंत्री पद की एक गंभीर दावेदार बनाती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली दरबार बंगाल की कमान किस योद्धा के हाथ में सौंपता है।
