अम्बिकापुर। केंद्रीय जेल अम्बिकापुर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत एक कड़ा आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के मुताबिक, केंद्रीय जेल परिसर के आसपास के 100 मीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से ‘रेड ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया यह कदम जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस आदेश के लागू होने के बाद अब केंद्रीय जेल की मुख्य दीवार से 100 मीटर की परिधि में ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ प्रभावी हो गया है। इसके तहत ड्रोन, गुब्बारे और अन्य सभी प्रकार के हवाई उपकरणों के उड़ान संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जेल परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए इस दायरे में किसी भी प्रकार की हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने की भी अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने यह सख्त फैसला उन आशंकाओं के मद्देनजर लिया है, जिनमें असामाजिक तत्वों द्वारा ड्रोन या अन्य हवाई माध्यमों के जरिए जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, अथवा प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन या फोटोग्राफी का उपयोग करता है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया जाएगा। आदेश की अवहेलना करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
