– 3 दिन में ₹1.10 लाख डीजल खपत का दावा, भाजपा नेताओं को डीजल पर्ची जारी करने का आरोप; विधानसभा में मामला गूंजने के बाद जांच के आदेश
जांजगीर-चांपा। जिला चिकित्सालय एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला कथित डीजल खपत और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ा है। जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से जिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अंकित ताम्रकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विधायक का दावा है कि जिला अस्पताल में मात्र तीन दिनों के भीतर ₹1 लाख 10 हजार का डीजल खर्च दिखाया गया, जो अपने आप में बड़े वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जिला चिकित्सालय से भाजपा जिलाध्यक्ष सहित भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं के लिए डीजल उपलब्ध कराने संबंधी पर्चियां जारी की जाती रही हैं। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का बड़ा मामला साबित हो सकता है।
जिला चिकित्सालय पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है। अस्पताल में आगजनी की घटना, ₹8.80 लाख के कथित फर्जी भुगतान, जीवन दीप समिति में भर्ती प्रक्रिया सहित कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद अब तक किसी बड़े अधिकारी पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।
विधानसभा में मामला उठने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि जांच टीम जल्द ही जिला चिकित्सालय पहुंचकर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इस बार भ्रष्टाचार के आरोपों पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी या मामला फिर फाइलों में ही सिमट जाएगा।
