रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए परिवहन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे हर वक्त सक्रिय रखना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने नवा रायपुर के इंद्रावती भवन में बस संचालकों और अधिकृत वेंडरों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि जिन बसों में अब तक यह डिवाइस नहीं लगी है, वे 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से लगवा लें, और जहां यह उपकरण बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत चालू किया जाए। तय समय सीमा के भीतर नियमों का पालन न करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह दूरगामी निर्णय देश में हुए कुछ बड़े सड़क हादसों के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप लिया गया है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी राज्य मुख्यालय में बने विशेष कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से की जाएगी, जहां उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के जरिए हर बस की पल-पल की लोकेशन, उसके निर्धारित मार्ग और समय-सारणी पर नजर रखी जाएगी। आम यात्रियों की सहूलियत के लिए ‘संगवारी ऐप’ भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे खुद बसों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे।
इसके साथ ही, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे (ANPR) और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को तुरंत पकड़ा जा सके। उपग्रह आधारित यह तकनीक न केवल पारदर्शिता लाएगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों तक त्वरित सहायता पहुंचाने में गेम-चेंजर साबित होगी।
