गुवाहाटी। असम की सियासत में आज एक नया इतिहास रचा जाने वाला है। भाजपा के कद्दावर नेता हिमंत बिस्वा सरमा मंगलवार, 12 मई को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। गुवाहाटी के वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह सुबह ठीक 11 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा, जिसमें देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शिरकत करेंगे। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, हिमंत बिस्वा सरमा और उनके नए मंत्रिपरिषद के सदस्यों को शपथ दिलाएंगे।
इस गौरवशाली क्षण का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उनके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस ऐतिहासिक समारोह का हिस्सा बनेंगे। असम की नई सरकार के गठन के अवसर पर एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंच रहे हैं, जिससे यह आयोजन एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ एक संक्षिप्त मंत्रिमंडल भी जिम्मेदारी संभालेगा। सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में सहयोगी दलों का विशेष ख्याल रखा गया है, जिसमें दोनों गठबंधन पार्टियों से एक-एक मंत्री को शामिल किया जा सकता है। मंत्रियों की संभावित सूची में रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग जैसे अनुभवी नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ विधायक रंजीत दास को असम विधानसभा के अगले अध्यक्ष के रूप में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
हिमंत बिस्वा सरमा का यह कार्यकाल कई मायनों में खास होने वाला है। वे असम के इतिहास में लगातार दो बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता होंगे। 2016 में सरबानंदा सोनोवाल के नेतृत्व में शुरू हुआ एनडीए का यह सफर अब अपने तीसरे कार्यकाल में प्रवेश कर चुका है। हालिया विधानसभा चुनावों में एनडीए गठबंधन ने 126 सदस्यीय सदन में 102 सीटों पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की है, जिसमें भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर पहली बार पूर्ण बहुमत का जादुई आंकड़ा पार किया। वहीं, गठबंधन सहयोगी एजीपी और बीपीएफ ने भी 10-10 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार की नींव को मजबूती दी है।
शपथ लेने के तुरंत बाद नई सरकार एक्शन मोड में नजर आएगी। मुख्यमंत्री सरमा ने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक व्यापक एजेंडा तैयार किया है। इस प्राथमिकता सूची में राज्य के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करना और बेदखली अभियानों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और असम के विकास को नई गति देने के संकल्प के साथ हिमंत बिस्वा सरमा आज से अपनी नई पारी का आगाज़ करेंगे।
