डोंगरगढ़/दुर्ग। विश्वप्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी मंदिर परिसर स्थित छिरपानी तालाब में स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। महाराष्ट्र के नागपुर जिला अंतर्गत खरबी क्षेत्र निवासी युवक शशांक जब आस्था और भक्ति के माहौल के बीच तालाब में स्नान कर रहा था, तभी अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में समाने लगा।
पानी के तेज बहाव और अत्यधिक गहराई के कारण शशांक डूबने लगा और उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। किनारे पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मचती, इससे पहले ही तट पर मुस्तैद राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) दुर्ग के जवानों ने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय दिया।
स्थिति की नजाकत को भांपते हुए एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने पलक झपकते ही मोटर बोट उतारी और डीप डाइविंग उपकरणों के साथ गहरे पानी में छलांग लगा दी। जवानों ने बेहद सधे हुए अभियान के जरिए युवक को गहरे पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। पानी से निकाले जाने के बाद युवक अचेत अवस्था में था, जिसे देखते हुए जवानों ने तत्काल मौके पर ही सीपीआर (CPR) देकर उसकी सांसें बहाल कीं और बिना किसी देरी के प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल रवाना किया।
जवानों की त्वरित सूझबूझ और पेशेवर कार्यशैली से एक घर का चिराग बुझने से बच गया। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को गहरे जलाशयों में स्नान के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है।
