अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..ऑपरेशन क्लीन के तहत आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम ने अवैध रूप से नशे की गोली एवं कफ सिरप बेचने वाले युवक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।गश्त के दौरान उड़नदस्ता टीम को तपेश्वरी गोड़ा मैदान में सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी के साथ एक संदिग्ध युवक नजर आया।टीम जब मौके पर पहुँची तो युवक उनको देखकर भागने लगा जिसे दौड़ाकर आबकारी टीम ने बोरा समेत धर दबोचा।पकड़ने के बाद जब बोरे की तलाशी ली गई तो उसमें नशीले टेबलेट एवं कफ सिरप का जखीरा मिला।जिसे जब्त करने के बाद आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम युवक को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
विदित हो कि विगत लंबे समय से नगर समेत क्षेत्र में अवैध रूप से नशीली दवाओं का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था।नशे के सौदागर बिहार से नशे की गोली और कफ सिरप लाकर नगर समेत क्षेत्र में बेखौफ होकर बेच रहे थे।इसके लिए नशे के सौदागरों ने बाकायदा सोशल मीडिया में ग्रुप एवं कोडवर्ड बना रखा था।जिसके जरिये बड़ी आसानी से युवाओं तक नशे की गोली एवं कफ सिरप पहुँचाई जाती थी।मोबाइल के जरिये बड़ी आसानी से कफ सिरप एवं टेबलेट उपलब्ध होने की वजह से युवा खासकर नाबालिग युवा बड़ी तेजी से नशे के आदी होने लगे थे।नगर समेत क्षेत्र के युवाओं में टेबलेट एवं कफ सिरप के बढ़ते चलन के कारण इसकी मांग दिनोदिन बढ़ती जा रही थी।जिसे पूरा करने के लिए नशे के सौदागर बसों के जरिये बिहार से नशे की गोली एवं कफ सिरप भारी मात्रा में लेकर आते थे।
हैरानी की बात यह है कि बस द्वारा बाहर से लाकर नशे का टेबलेट एवं कफ सिरप नगर समेत क्षेत्र में धड़ल्ले से खपाया जाता रहा और पुलिस एवं आबकारी विभाग को इसकी कानों कान भनक तक नही लगी।जिसकी वजह से नशे के सौदागरों का हौसला बढ़ता गया और नगर समेत क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार तेजी से पैर पसारने लगे।वो तो गनीमत रही कि गुप्त सूचना पर आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में सीतापुर गश्त पर आई हुई थी।इसी दौरान उन्हें तपेश्वरी गोड़ा मैदान में एक युवक सफेद रंग का बोरा पकड़े नजर आया।शंका के आधार जब उड़नदस्ता की टीम मौके पर पहुँची तो उन्हें देखकर युवक भागने लगा।जिसे आबकारी टीम ने दौड़ाकर पकड़ा और उसके पास रखे बोरा को अपने कब्जे में ले लिया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम संजय विश्वकर्मा बताया।उसने बताया कि वह अनमोल गुप्ता के लिए काम करता है और उसके कहने पर पहले भी कई बार उसके लिए काम कर चुका है।यह सारा माल उसी का है जिसे वो अनमोल गुप्ता के लिए झारखंड के गढ़वा से लेकर आया है।पूछताछ के बाद जब बोरा खोलकर उसकी तलाशी ली गई तो उसमें रखा नशीले दवाओं का जखीरा देख उड़नदस्ता टीम के भी होश उड़ गए।बोर के अंदर 14144 नग स्पास्मो प्रॉक्सिवन प्लस कैप्सूल,880 नग नाइट्रोसम 10एमजी टेबलेट,1110 नग एलप्रास टेबलेट एवं 20 नग ओनरेक्स कफ सिरप भरा हुआ था।जिसका बाजार भाव लगभग छः लाख रुपये बताया जा रहा है।
नशीले कैप्सूल टेबलेट एवं कफ सिरप समेत युवक की गिरफ्तारी के बाद उड़नदस्ता टीम ने अनमोल गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी पर वो हाथ नही आया।युवक के पकड़े जाने की खबर सुन वो फरार हो गया था।इस मामले में युवक के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(b) एवं 22(c) के तहत अपराध दर्ज करते हुए आबकारी विभाग उसे रिमांड पर अपने साथ ले गई है।
बड़ा सवाल मुख्य सरगना कब होगा गिरफ्तार:-
नगर समेत क्षेत्र में सालों से नशे का अवैध कारोबार कर युवाओं खासकर नाबालिग युवाओं को नशे का आदी बनाने वाला मुख्य सरगना अनमोल गुप्ता आज तक कभी पकड़ में नही आया।जबकि वो यह अवैध कारोबार डंके की चोट पर बेखौफ होकर करता रहा है।लेकिन आज तक उसे न पुलिस पकड़ पाई और न ही आबकारी विभाग।आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता विभाग द्वारा आज की गई कार्यवाही के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर मुख्य सरगना अनमोल गुप्ता कब गिरफ्तार होगा या इस बार भी अवैध कमाई के दम पर बच निकलेगा।जिसने अपने स्वार्थ के लिए युवाओं को नशे का आदी बना दिया है न जाने कितने घर बर्बाद कर दिए हैं।आज की कार्यवाही के बाद अब उसकी गिरफ्तारी की मांग नगर में उठने लगी है ताकि युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बच सके।
इस संबंध में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि सूखे नशे के खिलाफ चलाये जा रहे ऑपरेशन क्लीन के लिए ये एक बड़ी सफलता है।बहुत दिनों से सीतापुर में चल रहे सूखे नशे के अवैध कारोबार की शिकायत मिल रही थी।आज जाकर सफलता हाथ लगी है और भारी मात्रा में सूखे नशे के रूप में उपयोग होने वाले कैप्सूल टेबलेट और कफ सिरप बरामद हुआ है।
इस कार्यवाही में आबकारी आरक्षक श्यामसुंदर सिंह,दीपक पांडेय,नगर सैनिक गणेश पांडेय रणविजय सिंह रोहित सोनवानी शामिल थे।
