अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले कक्षा आठवी के छात्र की देर रात संदेहास्पद परिस्थिति में मौत हो गई।छात्र हॉस्टल के कमरे में लगे दरवाजे को खोल रहा था तभी दरवाजे में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया।करंट लगने के बाद देर रात उसे हॉस्पिटल लाया गया जहाँ डॉक्टर ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।इस घटना ने हॉस्टल में रखरखाव एवं व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।परिजनों का कहना कि हॉस्टल में व्याप्त अव्यवस्था एवं लापरवाही से एक नाबालिग छात्र की जान चली गई।इस घटना के बाद से माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है।वही परिजनों में चिंता का माहौल बन गया है।
उक्त घटना ग्राम सुर स्थित केन मेमोरियल स्कूल के हॉस्टल की है।जहाँ जशपुर जिले के ग्राम तमता निवास शिक्षक विकास के 15 वर्षीय पुत्र आशुतोष रहकर कक्षा आठवी की पढ़ाई करता था।शनिवार की रात वो जब हॉस्टल के रूम का दरवाजा खोला तो उसे झटका लगा और छात्र बेहोश हो गया।जिसे उपचार हेतु देर रात हॉस्पिटल लाया गया जहाँ डॉक्टर ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।छात्र के मौत के पीछे करंट लगने की संभावना जताई जा रही है।बताया जा रहा है कि छात्र ने जिस दरवाजे को खोला था उसमें करेंट प्रवाहित हो रहा था।जिसकी चपेट में छात्र आ गया और उसकी मौत हो गई।घटना की खबर पाते ही मृत छात्र के माता पिता हॉस्पिटल पहुँचे और अपने बेटे के शव से बिलख बिलखकर रोने लगे।
मृतक आशुतोष अपने माता पिता का इकलौता बेटा था।जिसे उसके घरवाले पढ़ाई के लिए केन मेमोरियल स्कूल में दाखिला कराये थे।जहाँ वह हॉस्टल में रहकर कक्षा आठवी की पढ़ाई कर रहा था।छात्र पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी काफी होनहार था।माता पिता को अपने इकलौते बेटे से काफी उम्मीदें थीं लेकिन केन मेमोरियल स्कूल के हॉस्टल ने उनकी सारी उम्मीदों को एक झटके में ही खत्म कर दिया।इस घटना से माँ सदमे में आ गई है उसका रो रोकर बुरा हाल है।पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम करते हुए छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराते हुए शव परिजनों को सौंप दिया।
नाबालिग के साथ हुई इस घटना से हॉस्टल व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल:-
केन मेमोरियल स्कूल द्वारा संचालित हॉस्टल में नाबालिग छात्र की मौत से वहाँ के व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।मृत छात्र के परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में व्याप्त अव्यवस्था एवं लापरवाही ने होनहार छात्र एवं माता पिता के इकलौते बेटे की जान ले ली।इस घटना के बाद से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के परिजन के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई है।हॉस्टल के कमरे के दरवाजे में करंट का प्रवाहित होने और प्रबंधन को इसकी भनक तक नही लगना घोर लापरवाही को दर्शाता है।परिजनों ने हॉस्टल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रबंधन को हॉस्टल के रखरखाव एवं व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए था।अगर प्रबंधन गंभीरता से ध्यान दी होती तो आज एक नाबालिग छात्र की जान नही जाती।
इस संबंध में थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र की मौत करंट की वजह से होना प्रतीत होता है।पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मौत के बारे में स्पष्ट बताया जा सकता है।उन्होंने पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही की बात कही है।
