जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे आरोपी को उत्तर प्रदेश से दबोचा है, जिसने एक नाबालिग को शादी का सब्जबाग दिखाकर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। आरोपी पिछले कई महीनों से पीड़िता को बंधक बनाकर डरा-धमका रहा था। सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
यह पूरा मामला मार्च महीने में सामने आया, जब 22 मार्च 2026 को परेशान परिजनों ने सिटी कोतवाली में अपनी नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों को अंदेशा था कि कोई अज्ञात शख्स उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की खोजी निगाहों ने आखिरकार नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया, जिसके बाद इस पूरे घिनौने अपराध का पर्दाफाश हुआ।
पीड़िता ने पुलिस को आपबीती सुनाते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला 25 वर्षीय लक्की उर्फ लवकुश गोस्वामी उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। आरोपी उसे यूपी में रखकर लगातार डराता-धमकाता था और शादी का वादा कर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। खौफ के साए में जीने के कारण नाबालिग उसका विरोध नहीं कर पा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप और नगर पुलिस अधीक्षक योगिता बाली खापर्डे ने फौरन एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद पहुंची। वहां पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी लक्की को धर दबोचा, जिसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 87, 64(1) और कड़े पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 व 6 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कामयाबी में थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, उप निरीक्षक बेलसज्जर लकड़ा, आरक्षक शंकर राजपूत और हजारी मेरसा की मुख्य भूमिका रही।
