रायपुर। छत्तीसगढ़ के अभनपुर में चल रहे जिला कांग्रेस अध्यक्षों के दस दिवसीय ‘संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर’ का आज, 29 जून को भव्य समापन हो गया। इस समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश में भगवान राम के नाम पर किसी भी तरह का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। रविवार देर रात रायपुर पहुंचे खेड़ा ने सोमवार को मीडिया से खुलकर बात की और राम मंदिर, सोशल मीडिया की चुनौतियों, आगामी चुनाव और देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर अपनी बेबाक राय रखी।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े दान में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामलों पर मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पैसा केवल बड़े कॉरपोरेट्स ने नहीं दिया है, बल्कि देश के आम नागरिकों की आस्था इससे जुड़ी है। देश की माताओं-बहनों ने अपनी रसोई की मसाला दानी से पैसे निकालकर और मासूम बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर राम मंदिर के लिए दान दिया था। आस्था के इस पावन धन में हेराफेरी होने पर सरकार मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी विपक्ष चढ़ावे में हुई चोरी या अव्यवस्था पर सवाल उठाता है, तो भाजपा अपनी कमियां छिपाने के लिए इसे ‘आस्था पर हमला’ करार देने लगती है। चोरी और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना आस्था पर चोट करना नहीं, बल्कि असल मायने में धर्म की रक्षा करना है।
खेड़ा ने अपने आरोपों का दायरा बढ़ाते हुए कहा कि अयोध्या से लेकर उज्जैन तक हाल के दिनों में सामने आई घटनाएं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े संगठनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इन संगठनों ने देश की धर्मनिरपेक्ष साख और खुद हिंदू समाज को भारी नुकसान पहुंचाया है। आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों में इस कदर अहंकार आ गया है कि वे जनता की आवाज सुनने के बजाय उन पर मनमानी नीतियां थोप रहे हैं।
इस बदलते राजनीतिक दौर में सोशल मीडिया के महत्व को रेखांकित करते हुए पवन खेड़ा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक बड़ा मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भाजपा के झूठ, प्रोपेगैंडा और फर्जी नैरेटिव का मुकाबला केवल और केवल ठोस तथ्यों और सच्चाई के दम पर ही किया जा सकता है। इस लिहाज से उन्होंने अभनपुर में आयोजित इस 10 दिवसीय शिविर को बेहद सामयिक और जरूरी बताया, जिसने कार्यकर्ताओं को न सिर्फ जमीनी मुद्दों को समझने बल्कि आपस में बेहतर संवाद करने का एक शानदार मंच दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के इस व्यापक प्रशिक्षण शिविर में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने, आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने, मीडिया प्रबंधन और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन ट्रेनिंग दी गई। इस शिविर की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों खुद राहुल गांधी ने यहाँ पहुंचकर करीब 4 घंटे बिताए थे और जिला अध्यक्षों से सीधे बातचीत की थी। राहुल गांधी के अलावा पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव समेत कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं ने अलग-अलग सत्रों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
